ताजा खबरें | पीएमकेवीवाई योजना के आकलन के लिये प्लेसमेंट महत्वपूर्ण मानदंड, पारदर्शी तंत्र विकसित हो : समिति

नयी दिल्ली, 13 मार्च संसद की एक समिति ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के आकलन के लिए प्लेसमेंट को सबसे महत्वपूर्ण मानदंड बताते हुए कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय को पीएमकेवीवाई 4.0 के विभिन्न घटकों के साथ-साथ अन्य सभी योजनाओं के लाभार्थियों एवं उम्मीदवारों पर नजर रखने के प्रयासों को तेज करना चाहिए।

बीजू जनता दल (बीजद) सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय संबंधी संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति गौर करती है कि व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 की अवधि के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की समग्र केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत तीन घटकों को 8800 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ जारी करने की सिफारिश की है।

इसमें कहा गया है कि, ईएफसी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण सिफारिशें भी की हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ निगरानी/ मूल्यांकन/पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या के लिए मंत्रालय स्तर पर एकल परियोजना निगरानी इकाई का सृजन, दोहराव से बचने के लिए लाभार्थी के साथ-साथ लक्षित समूह की पहचान करने के लिए अंतर मंत्रालयी परामर्श, प्रशिक्षण प्रदाताओं आदि के चयन के लिए पारदर्शी तंत्र विकसित किया जायेगा।

समिति ने यह सिफारिश की कि मंत्रालय व्यय वित्त समिति (ईएफसी) द्वारा प्रस्तावित परिवर्तनों/संशोधनों को ध्यान में रखें और उन्हें उचित महत्व दे।

संसदीय समिति ने यह भी कहा कि मंत्रालय को प्रमुख हितधारकों के साथ परामर्श करके ईएफसी के सुझावों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।

समिति ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के आकलन के लिए प्लेसमेंट सबसे महत्वपूर्ण मानदंड हैं और मंत्रालय को पीएमकेवीवाई 4.0 के विभिन्न घटकों के साथ-साथ अन्य सभी योजनाओं के लाभार्थियों एवं उम्मीदवारों पर नजर रखने के प्रयासों को तेज करना चाहिए।

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