फिलीपीन की सेना ने विवादित समुद्री क्षेत्र में फिलीपीन के सेकंड थॉमस शोआल द्वीप पर सैनिकों का नया जत्था, भोजन, पानी और ईंधन लेकर जा रही आपूर्ति नौका को रोकने के लिए उस पर चीनी तटरक्षक बल के जहाज से ‘‘अत्यधिक और आक्रामक’’ रूप से पानी की बौछार किए जाने की रविवार को निंदा की।
अमेरिका, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और जापान समेत अहम सहयोगियों ने चीनी जहाज की कार्रवाई पर चिंता जताई और फिलीपीन का समर्थन किया।
अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर फिलीपीन के सरकारी जहाजों और सेना पर सशस्त्र हमला किया जाता है, तो वह अपने लंबे समय के सहयोगी की रक्षा करेगा।
चीन, फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रूनेई, दक्षिण चीन सागर पर अपना-अपना दावा जताते हैं।
फिलीपीन के विदेश मामलों के विभाग की प्रवक्ता टेरेसिटा दाजा ने बताया कि फिलीपीन की अवर सचिव थेरेसा लजारो ने सोमवार सुबह मनीला में चीन के राजदूत हुआंग शिलियान को तलब किया और उन्हें कड़े शब्दों वाला कूटनीतिक विरोध पत्र सौंपा।
दाजा के मुताबिक, पत्र में फिलीपीन ने कहा कि वह दक्षिण चीन सागर में फिलीपीनी जहाजों के खिलाफ अपनी अवैध कार्रवाई रोके, वैध फिलीपीनी गतिविधियों में हस्तक्षेप करना बंद करे और समुद्री व्यवस्था पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र संधि सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करे।
बीजिंग में चीनी तटरक्षकों ने अपने जहाजों से फिलीपीनी नौका पर पानी की बौछार किए जाने की बात स्वीकारी। उसने कहा कि फिलीपीनी नौका बिना अनुमति के शोआल से गुजर रही थी, जिसे चीन रिनाई जियाओ के नाम से पुकारता है। चीनी तटरक्षकों ने फिलीपीन पर किनारे पर खड़े जंगी जहाज को हटाने की वचनबद्धता से मुकरने का आरोप भी लगाया।
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