देश की खबरें | धरोहर राशि जमा कराने के लिए कहने पर आईपीएल को लेकर दायर याचिका वापस ली गई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने इंडियन प्रीमियर लीग 2020 का सत्र संयुक्त अरब अमीरात के बजाए भारत में कराने की अपील करने वाले एक वकील से कहा कि पहले वह धरोहर राशि जमा कराएं, जिसके बाद वह सुनवाई करेगा। इसके बाद वकील ने याचिका वापस ले ली।
मुंबई, 18 अगस्त बंबई उच्च न्यायालय ने इंडियन प्रीमियर लीग 2020 का सत्र संयुक्त अरब अमीरात के बजाए भारत में कराने की अपील करने वाले एक वकील से कहा कि पहले वह धरोहर राशि जमा कराएं, जिसके बाद वह सुनवाई करेगा। इसके बाद वकील ने याचिका वापस ले ली।
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की खंडपीठ ने कहा, ‘‘यह भारी राशि होगी...लाखों रुपये से ज्यादा।’’
पुणे के वकील अभिषेक लागू ने अपनी याचिका में कहा था कि अगर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भारत के बाहर होता है तो इससे देश को बड़ा आर्थिक एवं राजस्व नुकसान होगा।
मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा, ‘‘पहले आप (याचिकाकर्ता) धरोहर राशि जमा कराइए। यह भारी रकम होगी...लाखों से ज्यादा। अगर आपकी याचिका मंजूर हो जाती है तो आपका पैसा वापस मिल जाएगा। बहरहाल, अगर आप सफल नहीं होते हैं तो हम इस धन का उपयोग देश के गरीबों के लिए करेंगे।’’
यह भी पढ़े | ताजिकिस्तान में भूकंप के झटके, तीव्रता 4.3 मापी गई: 18 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
लागू की वकील अंजलि हिलेकर ने अदालत से कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता धरोहर राशि जमा करा पाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह याचिका वापस लेना चाहेगा।
पीठ ने इसकी अनुमति दे दी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)