नयी दिल्ली, 20 सितंबर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में गिरफ्तार 40 साल का एक व्यक्ति राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के समयपुर बादली पुलिस थाने के लॉक अप में कथित रूप से चादर से बने फंदे से लटकता मिला, जिसके बाद एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है । पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मरने वाले की पहचान धर्मेंद्र के रूप में की गयी है। वह हत्या एवं डकैती के मामले में जेल में था जो मार्च से अबतक पैरोल पर बाहर था। कोविड—19 महामारी के कारण लगातार बढ़ते लॉकडाउन के कारण उसका पैरोल बढ़ाया गया था । वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला था लेकिन अभी वह यहां के कादीपुर इलाके में स्थित अपने एक संबंधी के घर में रहता था ।
उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद समयपुर बादली थाने के एक पुलिस कांस्टेबल यशवीर को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
मरने वाले के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने लॉक अप में उसकी जमकर पिटाई कर दी और शराब पीने के लिये उस पर दबाव बनाया।पुलिस ने हालांकि, इन आरोपों को खारिज कर दिया है ।
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पुलिस के अनुसार मामला शनिवार को संज्ञान में आया जब धर्मेंद्र के खिलाफ स्वरूप नगर पुलिस थाने में शिकायत मिली, शिकायत में उसके खिलाफ पड़ोसी के घर में घुस कर 14 साल की एक किशोरी के साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था । घटना के वक्त के किशोरी घर में अकेली थी और उसकी मां काम करने बाहर गये थे । लड़की के पिता का निधन हो चुका है और उसकी मां एकमात्र कमाने वाली है ।
शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं 506 तथा पोक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के अधीन मामला दर्ज कराया गया है ।
पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपी को समयपुर बादली इलाके में संबंधी के घर में छिपे होने के दौरान गिरफ्तार किया गया था ।
उन्होंने दावा किया कि चूंकि स्वरूप नगर पुलिस थाने में लॉक अप नहीं है इसलिये बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किये जाने के बाद आरोपी को समयपुर बादली पुलिस थाने के लॉक अप में रखा गया था ।
अधिकारी ने बताया कि रविवार को आरोपी ने चादर से बांध कर फंदा लगा लिया । इसके लिये उसने लॉक अप के दरवाजे का सहारा लिया था । उसे तत्काल बाबा साहेब अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया ।
उपायुक्त ने बताया कि घटना के बारे में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को सूचित किया गया और कानून के अनुसार कार्यवाही की जा रही है । जांच के लिये सीसीटीवी फुटेज को भी रखा गया है ।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को इससे पहले अप्राकृतिक यौनाचार के आरोप में सजा हो चुकी है । यह मामला अलीपुर पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था जहां वह जबरन एक घर में घुसा और 10 साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया ।
पुलिस ने बताया कि खजूरी खास पुलिस थाने में दर्ज हत्या एवं डकैती के मामले में भी उसे सजा हुयी थी ।
मरने वाले व्यक्ति के अधिवक्ता राकेश कौशिक ने बताया कि धर्मेंद्र हत्या के मामले में पिछले पांच छह साल से जेल में था लेकिन पिछले पांच महीने से वह पैरोल पर बाहर था ।
धर्मेंद्र के भतीजे नीरज ने आरोप लगाया कि लॉक अप में पुलिस ने उसके चाचा की पिटाई की और शराब पीने के लिये उस पर दबाव बनाया ।
नीरज ने बताया, 'मेरे चाचा कुछ महीने पहले पैरोल पर बाहर आये थे । स्वरूप नगर पुलिस थाने का एक सहायक उप निरीक्षक करीब साढ़े छह बजे हमारे घर आया और चाचा के बारे में पूछताछ की । बाद में पुलिस ने हमें बताया कि चाचा स्वरूप नगर पुलिस थाने में है ।
उसने बताया, 'जब हम वहां पहुंचे तो हमने देखा कि उनकी पिटाई हुयी थी और शराब पीने के लिये मजबूर किया गया । लेकिन आज सुबह हमे सूचना मिली कि उन्होंने समयपुर बादली पुलिस थाने में आत्महत्या कर ली है ।'
रंजन
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