पणजी, सात अक्टूबर गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने सोमवार को दावा किया कि गोवा के लोगों ने राज्य में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रयासों को नाकाम कर दिया है।
स्थानीय लोगों और नेताओं ने पिछले दो दिनों में विरोध प्रदर्शन कर गोवा के संरक्षक संत सेंट फ्रांसिस जेवियर के बारे में बयान के लिए गोवा आरएसएस के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर की गिरफ्तारी की मांग की।
कांग्रेस नेता अलेमाओ ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि वेलिंगकर ने सेंट जेवियर की आगामी प्रदर्शनी के मद्देनजर जानबूझकर यह बयान दिया है। सेंट फ्रांसिस जेवियर से जुड़ी वस्तुओं की प्रदर्शनी नवंबर 2024 और जनवरी 2025 के बीच आयोजित की जाएगी।
उत्तरी गोवा में बिचोलिम पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में वेलिंगकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अलेमाओ ने कहा कि भाजपा ‘‘हृदयहीन’’ है और यह मणिपुर की घटनाओं से स्पष्ट है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने आशंका जताई थी कि गोवा को दूसरा मणिपुर न बना दिया जाए। हमने इस मुद्दे को सदन (गोवा विधानसभा) में भी उठाया, लेकिन अध्यक्ष ने मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा करने के हमारे प्रस्ताव पर विचार करने से इनकार कर दिया।’’
विपक्ष के नेता ने कहा कि पूरे गोवा से लोगों ने वेलिंगकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के प्रयासों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। इससे पहले, शनिवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि वेलिंगकर के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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