Delhi: राजधानी में कोरोना से दहशत, शादियां टाल रहे लोग
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर जारी ‘येलो अलर्ट’ के बीच वैवाहिक आयोजन उद्योग का भविष्य अधर में लटकने की दिशा में बढ़ता हुआ प्रतीत हो रहा है। दिल्ली सरकार ने शादियों में केवल 20 अतिथियों की अनुमति दी है और इसके साथ ही लोग पहले से कराई गई बुकिंग रद्द करवाने पहुंच रहे हैं जिससे इस उद्योग पर करारी मार पड़ी है।
नयी दिल्ली, 29 दिसंबर: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर जारी ‘येलो अलर्ट’ के बीच वैवाहिक आयोजन उद्योग का भविष्य अधर में लटकने की दिशा में बढ़ता हुआ प्रतीत हो रहा है. दिल्ली सरकार ने शादियों में केवल 20 अतिथियों की अनुमति दी है और इसके साथ ही लोग पहले से कराई गई बुकिंग रद्द करवाने पहुंच रहे हैं जिससे इस उद्योग पर करारी मार पड़ी है. COVID-19: दिल्ली-मुंबई में कोरोना की खतरनाक स्पीड, 24 घंटे में दोगुने हुए मामले.
जिया बैंड के मालिक अनिल थडानी ने कहा, “लोग शादियां रद्द कर रहे हैं और पैसे वापस मांग रहे हैं. कर्मचारी निराश हैं. बहुत से लोगों ने 20 जनवरी से शादी की योजना बनाई थी. केवल दिल्ली ने ऐसे प्रतिबंध लगाए हैं, हरियाणा जैसे अन्य राज्य और मुंबई जैसे शहरों में अब भी शादी में 200 अतिथियों को आने की अनुमति है. हम लोगों के पैसे कैसे वापस करेंगे?”
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को एक शादी होने वाली थी लेकिन एक परिवार ने आयोजन रद्द कर दिया जबकि सारे इंतजाम हो चुके थे. करोल बाग के निवासी अमित केडिया के रिश्तेदार की शादी 20 जनवरी को होनी है. उन्होंने बताया कि उन्होंने ज्यादातर बुकिंग रद्द कर दी है लेकिन उन्हें पैसे वापस मिलने में दिक्कत हो रही है.
शादी एयरोसिटी में एक पांच सितारा होटल में होनी थी लेकिन परिवार अब अनिश्चितता की स्थिति में है. केडिया ने कहा, “आम आदमी कहां जाएगा? विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने सभी इंतजाम किये हैं और कुछ ने तो यहां तक कह दिया है कि अंत समय में बदलाव के लिए वह जिम्मेदार नहीं होंगे.”
उन्होंने कहा कि 20 लोगों में तो वह दूल्हा और दुल्हन के रिश्तेदारों को भी नहीं बुला सकते. राशि एंटरटेनमेंट के राजीव जैन ने कहा कि विवाह आयोजन उद्योग एक जिम्मेदार उद्योग है और उसने कोविड-19 के सभी नियमों का पालन किया है.
जैन ने कहा कि महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक इस उद्योग ने बहुत तकलीफ उठाई है और सरकार ने कोई मदद नहीं की है.
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