जरुरी जानकारी | पासवान ने 11 राज्यों पर केंद्रीय पीडीएस सब्सिडी को अपना बताकर देने का आरोप लगाया
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नयी दिल्ली, सात अगस्त खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कई राज्यों पर केन्द्र से सब्सिडी वाले पीडीएस खाद्यान्न लेने और उपयोगकर्ताओं को इस छूट को राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराया गया बताने का आरोप लगाया। इन राज्यों में इसके लिए केन्द्र सरकार को कोई श्रेय नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में यह प्रवृत्ति स्पष्ट है, जो ज्यादातर गैर-भाजपा शासित राज्य हैं। वे केन्द्र सरकार के प्रयासों को कमतर करने की कोशिश कर रहे हैं जो यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी गरीब भूखा न रहे।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत, केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से वितरण के लिए राज्यों को खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है। यह खाद्यान्न राज्यों में राशन की दुकानों से वितरित किया जाता है। इसमें दो रुपये किलो चावल और तीन रुपये किलो गेहूं की सब्सिडी प्राप्त दर पर दी जाती है। जिसके कारण सरकारी खजाने पर सालाना एक लाख करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आता है।
पासवान ने एक आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम सब्सिडी प्राप्त पीडीएस खाद्यान्न वितरण पर सालाना एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहे हैं, लेकिन कई राज्यों में इसका कोई उल्लेख या श्रेय तक नहीं दिया जाता है।’’
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उन्होंने कहा कि ऐसे 11 राज्य हैं जो केंद्र सरकार से सब्सिडी वाले खाद्यान्न लेते हैं, लेकिन राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में या राशन से कम दरों पर दे रहे हैं।
पासवान ने कहा, ‘‘ये राज्य अपनी जेब से लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च करते हैं और उपयोगकर्ताओं को इस सहायता को अपने स्वयं का बताकर देते हैं। यह गलत है। उन्हें केंद्र सरकार को वाजिब श्रेय देना चाहिए।’’
इन 11 राज्यों में से, चार राज्य (पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक) मुफ्त में अनाज वितरित कर रहे हैं, जबकि छह राज्य (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा) पीडीएस के माध्यम से और छूट के साथ एक रुपये प्रति किलो तथा त्रिपुरा दो रुपये किलो की दर से चावल वितरित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को यह बताया जाना चाहिए कि सब्सिडी वाला अनाज केंद्र सरकार से न केवल एनएफएसए के तहत आ रहा है, बल्कि नई शुरु की गई योजना- प्रधानमंत्री गरीब अन्ना योजना (पीएमजीकेवाई) के माध्यम से भी आ रहा है।
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