देश की खबरें | दिल्ली सेवा अध्यादेश पर केजरीवाल का समर्थन करने वाले दलों को भ्रष्ट के रूप में देखा जाएगा: भाजपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्रीय अध्यादेश के मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में सामने आने वाले सभी लोगों को जनता ‘भ्रष्टाचार के पक्ष में खड़े भ्रष्ट’ के रूप में देखेगी।
नयी दिल्ली, 30 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्रीय अध्यादेश के मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में सामने आने वाले सभी लोगों को जनता ‘भ्रष्टाचार के पक्ष में खड़े भ्रष्ट’ के रूप में देखेगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा इस मुद्दे पर केजरीवाल को समर्थन देने का आश्वासन दिए जाने के बाद भाजपा की यह प्रतिक्रिया आई है।
केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अध्यादेश भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने और दिल्ली व देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए लाया गया है।
लेखी ने आरोप लगाया, ‘‘जो लोग अध्यादेश के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें लोग भ्रष्टाचार के पक्ष में खड़े भ्रष्ट के रूप में देखेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग (केजरीवाल से) मिल रहे हैं, मैं अपनी तरफ से उनसे कहना चाहती हूं कि अगर आप भ्रष्ट हैं तो आपको उनके पक्ष में खड़े होना चाहिए।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यहां माकपा कार्यालय में येचुरी से मुलाकात की थी।
केजरीवाल इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) नेता नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, राकांपा प्रमुख शरद पवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर आप के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
भाजपा नीत केंद्र पर संघवाद पर प्रहार करने का आरोप लगाते हुए येचुरी ने इससे पहले दिन में केंद्र सरकार के अध्यादेश की निंदा की और संसद में इसका विरोध करने के लिए आप को अपनी पार्टी का समर्थन दिया।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर आप का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर अध्यादेश जारी करना संविधान का ‘खुल्लमखुल्ला उल्लंघन’ है और यह किसी भी गैर-भाजपा पार्टी की सरकार के साथ हो सकता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)