नयी दिल्ली, 27 जुलाई संसद की एक समिति ने भर्ती एजेंसी द्वारा उम्मीदवारों का नामांकन नहीं करने की वजह से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) में सीधी भर्ती और पदोन्नति में भारी कमी का संज्ञान लिया है।
अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति ने ‘एनडीएमसी में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण और रोजगार’ विषय पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को संसद में प्रस्तुत की।
भाजपा सांसद डॉ किरीट सोलंकी की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कुल 1,169 पद खाली होना इन समुदायों के उन आकांक्षी और योग्य उम्मीदवारों के प्रति पूरी तरह अन्याय है जिन्हें आजीविका की जरूरत है।
समिति ने कहा, ‘‘समिति इस बात का संज्ञान लेते हुए निराश है कि एनडीएमसी ने रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के एक साल से अधिक समय बाद, जब समिति ने इस पर तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की थी, भी बड़ी संख्या में खाली सीटों को भरने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई।’’
समिति ने ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणियों में एससी और एसटी की सीधी भर्ती तथा पदोन्नति में भारी कमी के विषय को उठाया।
समिति ने यह भी कहा कि वह इस बात को दोहराना चाहेगी कि खाली पदों को भरने के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए और एनडीएमसी को दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को प्रक्रिया तेज करने के लिए बार-बार याद दिलाया जाना चाहिए।
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