ताजा खबरें | संसदीय समिति ने 12 हजार से अधिक लंबित शिकायतों को लेकर सीवीसी से स्पष्टीकरण मांगा
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्यों 12 हजार लंबित मामलों का निपटारा नहीं हुआ जिनमें से कई तीन वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं।
नयी दिल्ली, 29 मार्च संसद की एक समिति ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्यों 12 हजार लंबित मामलों का निपटारा नहीं हुआ जिनमें से कई तीन वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं।
संसद में पेश कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिये बजटीय आवंटन का पूरा उपयोग नहीं किये जाने को भी रेखांकित किया गया।
समिति ने सीवीसी से अपने संसाधनों का बड़ा हिस्सा निगरानी को मजबूत बनाने पर खर्च करने को कहा।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने इस बात को नोट किया कि गंभीर आरोपों सहित सतर्कता से जुड़े 72 मामले तीन महीने की निर्धारित समय-सीमा पार करने के बावजूद अभियोग चलाने के लिहाज से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं ।
समिति ने इस बात पर गंभीर रूप से चिंता जताई कि समय-सीमा के भीतर अभियोग चलाने की मंजूरी नहीं दिया जाना नियमित मामला बन गया है।
समिति ने सिफारिश की कि सरकार संबंधित प्रावधानों में संशोधन करे और सीवीसी को वैसे मामलों में जरूरी कार्रवाई करने के लिये सशक्त करे जहां अभियोग चलाने के लिये मंजूरी देने में उपयुक्त प्राधिकार विफल रहता है।
इसमें कहा गया है कि सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2020 के दौरान 569 शिकायतें प्राप्त हुईं और 11,693 शिकायतें तीन महीने की निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित हैं। इनमें से कई शिकायतें तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं।
समिति ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्यों लंबित मामलों का निपटारा नहीं हुआ।
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