नयी दिल्ली, दो अप्रैल संसद ने बुधवार को भारत में विदेशी लोगों के आगमन, उनके यहां ठहरने और गैर कानूनी ढंग से रह रहे लोगों के निर्वासन से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी तथा सरकार ने इस बात की प्रतिबद्धता जतायी कि देश के विरूद्ध साजिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को यहां रहने नहीं दिया जाएगा।
राज्यसभा ने आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक 2025 को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के जवाब के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने विपक्षी सदस्यों द्वारा विधेयक पर लाये गये संशोधनों को खारिज कर दिया। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही परित हो चुका है।
उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस विधेयक के जरिये चार कानूनों का निरसन किया जाएगा जिसमें से तीन संविधान बनने के पूर्व के हैं। उन्होंने कहा कि इसमें दो कानून तो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान असाधारण परिस्थितियों में लाये गये थे।
राय ने कहा कि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद भारत में आने वाले प्रत्येक विदेशी का एकीकृत, अद्यतन और व्यवस्थित लेखाजोखा रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित एजेंसियों का समन्वय बढ़ेगा।
विधेयक पर चर्चा के दौरान कई विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक को संसद की स्थायी या प्रवर समिति के पास भेजे जाने का सुझाव दिया था। इस सुझाव पर मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने यह विधेयक तीन वर्ष तक व्यापक विचार विमर्श के बाद ‘डिजाइन’ किया है।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक में गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले आप्रवास ब्यूरो को विदेशी नागरिकों के प्रवास तथा अन्य मामलों में एकमात्र एजेंसी के रूप में चिह्नित किया गया है। उन्होंने कहा कि अकेले भारत में ऐसा होने जा रहा है, ऐसी बात नहीं है क्योंकि कई अन्य देशों में पहले से ही इस प्रकार की व्यवस्था है।
राय ने कहा कि इस प्रकार की एजेंसी से भारत में आने वाले विदेशियों को भी सुविधा होगी क्योंकि उन्हें केवल एक एजेंसी से सरोकार होगा।
उन्होंने विपक्ष के कुछ सदस्यों के दावों को गलत बताया कि इस विधेयक के कानून बनने के बाद उन विशेषज्ञ और मेधावान विदेशियों को भारत आने से होत्साहित किया जाएगा जो यहां अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिए आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का देश हमेशा स्वागत करेगा।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस विधेयक के तहत भारत से किसी भी विदेशी व्यक्ति को हटाने की भी शक्ति सरकार को दी गयी है। उन्होंने कहा कि ऐसे विदेशी व्यक्ति ‘‘जो हमारे देश में आकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होते हैं तो क्या उन्हें नहीं हटाया जाएगा? जैसा ये (कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारें) करते थे, क्या हम भी वैसा ही करें। यह नहीं होगा, यह मोदी की सरकार है।’’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ साजिश करने वाले लोगों के मन में डर पैदा किया ही जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भारत के विरूद्ध साजिश करने के लिए आएगा तो उसे यहां ठहरने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने विपक्ष के इन आरोपों को गलत बताया कि इस विधेयक के जरिये विदेशी लोगों को भारत में आने से हतोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशियों का स्वागत करने की भारत में सदियों से परंपरा रही है।
राय ने कहा कि भारत से 36 हजार घुसपैठियों को देश से बाहर किया गया है।
विधेयक के तहत विदेशियों विषयक अधिनियम 1946, आप्रवास (वाहक दायित्व) अधिनियम, 2000, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 तथाविदेशियों का पंजीकरण अधिनियम 1939 का निरसन किया जाएगा।
विधेयक के कारणों और उद्देश्यों के तहत केंद्रीय सरकार को भारत में प्रवेश करने वाले और भारत से प्रस्थान करने वाले व्यक्तियों के संबंध में पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों की आवश्यकता और विदेशियों से संबंधित मामलों को विनियमित करने के लिए कुछ शक्तियां प्रदान करने का प्रावधान है, जिसमें वीजा और पंजीकरण की आवश्यकता और उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों को सम्मिलित किया गया है ।
विधेयक के तहत पुलिस अधिकारी बिना वारंट के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकेगा, जिसने कोई उल्लंघन किया है या जिसके विरुद्ध इस बात का युक्तियुक्त संदेह विद्यमान है कि उसने धारा 3 या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम या जारी किए गए किसी आदेश का उल्लंघन किया हो।
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