देश की खबरें | मणिपुर में पीएपीपी का दावा: चुराचंदपुर, मोरेह में मेइती समुदाय के घर जला दिये गये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर में मेइती समुदाय के लिए काम करने वाले संगठन ‘पीपुल्स एलायंस फॉर पीस एंड प्रोग्रेस’ (पीएपीपी) ने सोमवार को दावा किया कि राज्य के हिंसा प्रभावित चुराचांदपुर जिले में इस समुदाय के 5,000 लोग बेघर हुए हैं।
इम्फाल, आठ मई मणिपुर में मेइती समुदाय के लिए काम करने वाले संगठन ‘पीपुल्स एलायंस फॉर पीस एंड प्रोग्रेस’ (पीएपीपी) ने सोमवार को दावा किया कि राज्य के हिंसा प्रभावित चुराचांदपुर जिले में इस समुदाय के 5,000 लोग बेघर हुए हैं।
मणिपुर में तीन मई को मेइती समुदाय और कुकी जनजाति के लोगों के बीच हिंसक झड़प में कम से कम 54 लोगों की मौत हो गई थी।
संगठन ने एक बयान में कहा है कि चुराचांदपुर में सामुदायिक बस्ती क्षेत्र में मेइती समुदाय के सभी घरों को "आतंकवादियों के समर्थन वाले सशस्त्र लोगों " ने जला दिया है।
इसमें कहा गया है, "मेइती लोग चुराचांदपुर जिला मुख्यालय के डीसी कार्यालय में शरण ले रहे हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। अब तक किसी भी शरणार्थी को वहां से निकाला नहीं जा सका है।"
बयान के अनुसार, मेइती समुदाय के 5,000 लोग बेघर हो गए हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया कि मोरेह कस्बे में, मेइती समुदाय का प्रत्येक घर जला दिया गया है और इस समुदाय के कुछ लोग म्यांमा में शरण ले रहे हैं और बाकी खुडेंगथाबी में असम राइफल्स के शिविर में शरण लिए हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 23,000 लोगों को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से बचाया जा सका है और उन्हें सैन्य छावनियों तथा राहत शिविरों में ले जाया गया है।
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