जरुरी जानकारी | आपूर्ति बढ़ने, कमजोर मांग से पाम, पामोलीन कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद अप्रैल में पाम, पामोलीन का आयात बढ़ने की संभावना तथा मांग कमजोर होने से सोमवार को देश के तेल तिलहन बाजारों में कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम में गिरावट देखी गई। दूसरी ओर सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल तिलहन के भाव पूर्व स्तर पर बंद हुए।
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद अप्रैल में पाम, पामोलीन का आयात बढ़ने की संभावना तथा मांग कमजोर होने से सोमवार को देश के तेल तिलहन बाजारों में कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम में गिरावट देखी गई। दूसरी ओर सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल तिलहन के भाव पूर्व स्तर पर बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश के बाजारों में पाम, पामोलीन के सोयाबीन डीगम तेल से महंगा होने के कारण पहले साढ़े चार-पांच लाख टन सीपीओ एवं पामोलीन का आयात हो रहा था लेकिन अब इन तेलों के दाम सोयाबीन से सस्ता होने के बाद इनका आयात अप्रैल में बढ़कर करीब सात लाख टन होने की संभावना है। इसके साथ पाम, पामोलीन का मांग भी मामूली कमजोर हुआ है जो इनमें गिरावट की मुख्य वजह है।
सूत्रों ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद अभी जोर शोर से होना बाकी है और इस बीच कुछ बड़ी कंपनियों ने सरसों की खरीद का भाव 50 रुपये क्विन्टल के हिसाब से कम कर दिया है। लेकिन मंडियों में सरसों की आवक नहीं बढ़ रही है और अपने पूर्वस्तर के आसपास ही मंडरा रहा है। यह संकेत देता है कि किसान अभी भी नीचे दाम पर अपनी उपज बेचने को राजी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जो हाल मूंगफली, सोयाबीन तिलहन का हुआ है, इसका किसानों पर क्या असर हुआ है, इस बात का पता खरीफ तिलहन बुवाई के रकबे से लगाया जा सकेगा। मई जून में खाद्यतेलों का आयात बढ़ाने के भी कयास लगाये जा रहे हैं।
खाद्य तेलों की आपूर्ति की स्थिति में सुधार के बीच मांग प्रभावित होने से बिनौला तेल के भाव भी गिरावट के साथ बंद हुए। सस्ते में बिकवाली से बचने के कारण बाकी तेल तिलहनों (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन) के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,235-5,275 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,170-6,445 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,825 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,255-2,520 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,705-1,805 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,705 -1,820 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,875 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,225 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,800-4,820 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,600-4,640 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2024 09:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

