देश की खबरें | पालघर हत्या मामला : महाराष्ट्र की सीआईडी ने तीसरा आरोपपत्र दायर किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) ने पालघर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने के मामले में स्थानीय अदालत में तीसरा आरोपपत्र दाखिल किया है। यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी।
ठाणे, मुंबई, आठ अगस्त महाराष्ट्र की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) ने पालघर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने के मामले में स्थानीय अदालत में तीसरा आरोपपत्र दाखिल किया है। यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी।
उन्होंने बताया कि इससे जुड़े घटनाक्रम में सीआईडी ने ठाणे जिले के भिवंडी में शुक्रवार को एक किशोर अदालत में मामले में दो नाबालिग आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।
सीआईडी ने पिछले महीने पालघर जिले के दहानू तालुका की एक अदालत में दो आरोपपत्र दायर किए थे जिनमें एक 4955 पन्नों का था तथा दूसरा 5921 पन्नों का था।
पुलिस ने कहा कि घटना के सिलसिले में करीब 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 11 किशोरों को हिरासत में लिया गया है।
यह भी पढ़े | Online Patriotic Film Festival: देशभक्ति वाली फिल्मों का ऑनलाइन फिल्म फेस्टिवल 7 अगस्त से शुरू.
घटना के सिलसिले में हत्या, सशस्त्र दंगे और अन्य आरोपों में तीन प्राथमिकियां दर्ज की गईं। पालघर के गाडचिंचले गांव में भीड़ ने दो साधुओं और उनके चालक की 16 अप्रैल को पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, ‘‘तीसरी प्राथमिकी में सीआईडी ने आरोपपत्र दायर कर दिया है, जो पालघर में कासा थाने में दर्ज किया गया था। मामला पुलिस अधिकारी द्वारा गोली चलाने से जुड़ा हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि आरोपपत्र पालघर अदालत में दाखिल किया गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य पुलिस पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट और उनके खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट तैयार कर रही है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया कि उन ब्यौरा को भी रिकॉर्ड में लाया जाए।’’
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार से कहा कि वह पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच और कार्रवाई रिपोर्ट से अवगत कराए।
इस बीच राज्य सीआईडी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि दो नाबालिगों के खिलाफ शुक्रवार को भिवंडी की किशोर अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘दो साधुओं पर हमले में दो नाबालिग सक्रिय रूप से संलिप्त पाए गए और वे अन्य हिंसक कृत्यों में भी संलिप्त थे। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में अपराध में उनकी संलिप्तता पाई गई।’’
एक अन्य अधिकारी के मुताबिक आरेापी नौ अन्य नाबालिगों को आरोपपत्र में नामित नहीं किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)