देश की खबरें | फलस्तीन,गाजा के लिए चंदे की आड़ में दानकर्ताओं को ठगने पर एक एनजीओ प्रमुख पर एटीएस की नजर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के बीड जिले में एक गैर सरकारी संगठन का अध्यक्ष फलस्तीन और गाजा में लोगों की मदद के नाम पर धन जुटाने के बाद कथित तौर पर दानदाताओं को धोखा देने को लेकर आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) की नजर में आ गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, चार मई महाराष्ट्र के बीड जिले में एक गैर सरकारी संगठन का अध्यक्ष फलस्तीन और गाजा में लोगों की मदद के नाम पर धन जुटाने के बाद कथित तौर पर दानदाताओं को धोखा देने को लेकर आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) की नजर में आ गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि एटीएस संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया मंचों पर नजर रखती है और उसने हाल में पाया कि एनजीओ का प्रमुख यूपीआई क्यूआर कोड का उपयोग करके अपने निजी बैंक खाते में दानराशि जुटा रहा था।
उन्होंने बताया कि एजेंसी की छत्रपति संभाजीनगर इकाई के अधिकारियों की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को जियोराई थाने में आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी कुरैशी शाहरुख कुरैशी छोटे मियां जियोराई का निवासी है तथा ‘हिमायत फाउंडेशन’ नामक एक गैर-लाभकारी संस्था चलाता है।
उन्होंने बताया कि परमार्थ आयुक्त के पास पंजीकृत यह संस्था 70 अलग-अलग मकसदों पर काम करती है तथा कुरैशी इसका संस्थापक और अध्यक्ष है।
उन्होंने कहा कि फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया पर इस संगठन की मजबूत उपस्थिति है।
अधिकारी के मुताबिक वीडियो और पोस्ट के माध्यम से, एनजीओ ने जनता से फलस्तीन और गाजा पट्टी के लोगों के लिए धन दान करने की अपील की थी। लेकिन एनजीओ के आधिकारिक खाते में पैसा जमा करने के बजाय, धन कुरैशी के ‘पेटीएम वॉलेट’ में चला गया।
उन्होंने बताया कि चूंकि यह आपराधिक विश्वासघात और दानदाताओं के साथ धोखाधड़ी का मामला था, इसलिए एटीएस ने पुलिस से संपर्क किया और कुरैशी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि एटीएस की छत्रपति संभाजीनगर इकाई भी की जांच कर रही है।
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