विदेश की खबरें | पाक के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव की तारीखों के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को आम चुनाव की तारीख तय करने के वास्ते एक बैठक के लिए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 24 अगस्त पाकिस्तान के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को आम चुनाव की तारीख तय करने के वास्ते एक बैठक के लिए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया।

निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बदले कानून के तहत, मतदान की तारीख तय करने में राष्ट्र प्रमुख की कोई भूमिका नहीं है और ऐसे में चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।

राष्ट्रपति ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा को पत्र लिखकर आम चुनावों के लिए “उचित तारीख तय करने के लिए आज या कल” मिलने के लिए आमंत्रित किया था। अल्वी ने राष्ट्रपति के लिए नेशनल असेंबली के विघटन के 90 दिनों के भीतर आम चुनाव की तारीख तय करने की संवैधानिक आवश्यकता का हवाला दिया।

नेशनल असेंबली को नौ अगस्त को भंग कर दिया गया था, जिससे पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) के लिए उस तारीख के 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य हो गया है। ईसीपी हालांकि नई जनगणना के मद्देनजर परिसीमन करने के लिए चुनाव में देरी करने को तैयार है, जो एक संवैधानिक जरूरत है।

रजा ने पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के अधिकारियों के साथ परामर्श के बाद राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन्हें याद दिलाया कि बदले कानूनों के तहत, चुनाव की तारीख निर्धारित करने में अल्वी की कोई भूमिका नहीं है और बैठक करने का कोई मतलब नहीं है।

अल्वी (74) राष्ट्रपति पद संभालने से पहले जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के वरिष्ठ सदस्य थे।

रजा ने लिखा, यह बताना “अनिवार्य” है कि चुनाव अधिनियम की धारा 57 को 26 जून को संसद द्वारा संशोधित किया गया था, जिससे ईसीपी को “आम चुनावों की तारीख या तारीखों की घोषणा” करने का अधिकार मिल गया।

उन्होंने कहा कि ईसीपी देश में आम चुनाव कराने की अपनी जिम्मेदारी “बहुत गंभीरता से” ले रहा है और प्रमुख राजनीतिक दलों को चुनाव पर अपने विचार देने के लिए भी आमंत्रित किया है।

पत्र से स्पष्ट रूप से आहत अल्वी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और कहा कि उन्होंने ईसीपी प्रमुख के पत्र पर कानून मंत्रालय से सलाह मांगी थी।

उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ने पाकिस्तान निर्वाचन आयोग के रुख पर सलाह मांगी है कि चुनाव की तारीख तय करने का अधिकार केवल उसके पास है।”

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