इस्लामाबाद, 16 जून पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बिना चुनाव की तारीखों की घोषणा करने का अधिकार देने संबंधी एक विधेयक शुक्रवार को सीनेट में अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के सांसदों के विरोध के बावजूद पारित हो गया।
चुनाव (संशोधन) विधेयक 2023 को पाकिस्तान के राज्य मंत्री शहादत अवान ने संसद के उच्च सदन ‘सीनेट’ में पेश किया।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के बारे में एक बयान में कहा गया है कि संविधान पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) के कर्तव्य की परिकल्पना करता है कि वह ईमानदारी से, निष्पक्ष रूप से और कानून के अनुसार चुनाव आयोजित करे।
कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा कि चुनाव की तारीख चुनने का अधिकार ईसीपी को 1973 में दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जियाउल हक (पूर्व सैन्य तानाशाह) ने एक संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति को यह अधिकार दे दिया।’’
विपक्षी सांसदों, विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े नेताओं ने संशोधनों को सिरे से खारिज कर दिया है।
विपक्ष के नेता शहजाद वसीम ने कहा, ‘‘संविधान चुनाव की तारीख के बारे में बहुत स्पष्ट है और यह राष्ट्रपति और राज्यपाल दोनों को चुनाव की तारीख की घोषणा करने का अधिकार देता है।’’
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