लाहौर, 20 मई पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान के आवास के आसपास के क्षेत्र पर प्रशासन ने शनिवार को पूर्ण नियंत्रण बना लिया।
कुछ महीने पहले तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में अपने नेता की गिरफ्तारी को विफल करने के लिए खान के समर्थक इस इलाके में डेरा डाले हुए थे।
पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर वहां छिपे ‘‘आतंकवादियों’’ को गिरफ्तार करने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष खान से शुक्रवार को मुलाकात की और उन्हें 9 मई के विरोध प्रदर्शनों में शामिल 2,200 संदिग्धों की सूची सौंपी, जिन्होंने सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया था।
लाहौर पुलिस ने शनिवार को यहां खान के जमान पार्क आवास के आसपास से पिकेट, बंकर, प्रदर्शन शिविर, टेंट और स्पीड ब्रेकर हटा दिए।
पंजाब की कार्यवाहक सरकार के सूचना मंत्री आमिर मीर ने मीडिया को बताया, ‘‘हमने जमान पार्क में सुरक्षा का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। खान की पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर मौजूद नहीं है।’’
मीर ने कहा कि अब केवल खान के परिसरों पर छापा मारना बाकी है। मंत्री ने दावा किया कि पीटीआई के अध्यक्ष ने पुलिस को उनके आवास की तलाशी लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम जल्द ही फैसला करेंगे कि इस मामले में कैसे आगे बढ़ना है।’’
खान (70) ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उनके आवास पर तलाशी से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जोर दिया कि यह लाहौर उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
मार्च में, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और खान के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं, जिन्होंने तोशखाना मामले में खान को गिरफ्तार करने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए जमान पार्क पर पूर्ण नियंत्रण बना लिया था।
तोशाखाना कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक विभाग है और अन्य सरकारों और राष्ट्र के प्रमुखों तथा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को दिए गए कीमती उपहारों को संग्रहित करता है।
खान को नौ मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर में अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद पूरे देश में अशांति फैल गई।
पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, प्रदर्शनकारियों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर धावा बोल दिया और लाहौर में एक कोर कमांडर के घर में आग लगा दी।
लाहौर के आयुक्त मुहम्मद अली रंधावा, उपायुक्त राफिया हैदर और डीआईजी ऑपरेशंस सादिक डोगर के एक प्रतिनिधिमंडल ने खान के जमान पार्क स्थित आवास का दौरा किया और पूर्व प्रधानमंत्री के साथ 90 मिनट तक बैठक की। उन्होंने लाहौर कोर कमांडर हाउस और अस्करी टॉवर पर हमले में शामिल लोगों के नाम बताए और उन्हें सबूत सौंपे गए।
बुधवार को पंजाब सरकार ने दावा किया कि ‘‘30 से 40 आतंकवादी खान के आवास के अंदर छिपे हुए थे’’ और उनकी पार्टी को उपद्रव मचाने वाले लोगों को सौंपने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया। हालांकि समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
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