देश की खबरें | शानन जलविद्युत परियोजना का स्वामित्व हिमाचल प्रदेश को हस्तांतरित किया जाए : सुक्खू

शिमला, 10 जून हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह से शानन जलविद्युत परियोजना का स्वामित्व पंजाब से हिमाचल प्रदेश को हस्तांतरित करने की मांग की।

सन् 1925 में मंडी राज्य के तत्कालीन राजा जोगिंदर सेन और ब्रिटिश इंजीनियर बी सी बैटी ने इस परियोजना को 99 साल के लीज समझौते के तहत बनवाया था।

शानन जलविद्युत परियोजना की शुरुआत 1932 में हुई थी।

नवंबर 1966 में जब दोनों राज्यों का पुनर्गठन हुआ, तब हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के अंतर्गत आने वाला यह बिजली घर 99 साल के पट्टे के तहत पंजाब को दे दिया गया था, जिसकी समय सीमा अब अगले साल दो मार्च को समाप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘मैंने केंद्रीय मंत्री को शानन जलविद्युत परियोजना के स्वामित्व से संबंधित सभी मुद्दों और इसकी लीज अवधि के बारे में भी अवगत कराया है, जो मार्च 2024 में समाप्त हो रही है।’’

बयान के मुताबिक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के हिमाचल प्रदेश प्रवास के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उनके समक्ष उठाया गया था।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वामित्व हस्तांतरण प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भी आग्रह किया।

सुक्खू ने यह भी कहा कि इस परियोजना से राज्य में 200 करोड़ रुपये की वार्षिक आय उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को परियोजना के संबंध में कानूनी दस्तावेज सौंपे हैं।

बयान के अनुसार, सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश में 25 मेगावाट से कम क्षमता की जलविद्युत परियोजनाओं की सहूलियत के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने हेतु एक योजना तैयार करने का भी अनुरोध किया।

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