जरुरी जानकारी | ओवीएल का वियतनाम के तेल ब्लॉक के लिए अनुबंध बढ़ा

नयी दिल्ली, 19 अगस्त पेट्रोलियम कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) ने वियतनाम में कच्चे तेल एवं गैस के उत्पादन के लिए 16 साल का अनुबंध विस्तार हासिल किया है। इसके साथ ही उसे दक्षिण चीन सागर के विवादित जलक्षेत्र में एक अन्य ब्लॉक की खोज के लिए तीन और साल मिल गए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि वियतनाम की सरकार ने नाम कोन सोन बेसिन के अपतटीय क्षेत्र में ब्लॉक 06.1 से उत्पादन के लिए उत्पादन साझाकरण अनुबंध (पीएससी) को वर्ष 2039 तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर में ब्लॉक 128 में तेल और गैस की खोज के लिए आठवां विस्तार भी ओवीएल को दिया गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी की विदेशों में निवेश करने वाली इकाई ओवीएल की वियतनाम के नाम कोन सोन बेसिन में स्थित अपतटीय ब्लॉक 06.1 में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्ष 1988 में अधिग्रहित इस ब्लॉक में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ जारुबेजनेफ्ट ईपी बीवी ऑपरेटर है जबकि 20 प्रतिशत हिस्सेदारी पेट्रोवियतनाम के पास है।

करीब 10 लाख टन तेल एवं समकक्ष गैसों का उत्पादन करने वाले इस ब्लॉक को हाल ही में 19 मई, 2023 से प्रभावी उत्पादन साझाकरण अनुबंध का 16 साल का विस्तार मिला है।

अधिकारियों ने कहा कि ब्लॉक 128 के लिए तेल एवं गैस की खोज के लिए सातवां विस्तार 15 जून, 2023 तक था जिसे तीन साल बढ़ाने की ओवीएल ने मांग की थी। उन्होंने कहा कि वियतनामी नियामक पीवीएन ने लाइसेंस को 15 जून, 2026 तक बढ़ा दिया है।

कंपनी को पिछले 18 वर्षों से इस ब्लॉक में कोई व्यावसायिक रूप से प्राप्त करने योग्य तेल और गैस भंडार नहीं मिला है, लेकिन दक्षिण चीन सागर में भारत की रणनीतिक रुचि के कारण इसने वहां अपनी उपस्थिति जारी रखी है। वियतनाम भी चाहता है कि भारतीय कंपनी विवादित जल में चीन के हस्तक्षेप का मुकाबला करे।

ओवीएल ने मई 2006 में वियतनाम की राष्ट्रीय तेल कंपनी पेट्रोवियतनाम के साथ उत्पादन साझेदारी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इस ब्लॉक का क्षेत्रफल 7,058 वर्ग किलोमीटर है। यह वियतनाम के अपतटीय फु खान बेसिन में स्थित है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)