भोपाल/सीधी, 18 फरवरी मध्य प्रदेश मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रदेश के सीधी जिले में दो दिन पहले हुए बस हादसे में 51 यात्रियों के मारे जाने के लिए निजीकरण, मुनाफे की हवस और एक सीमेंट कंपनी के ओवरलोडेड डंपर एवं छुहिया घाटी पर लगे सड़क जाम को दोषी करार दिया है।
इसके अलावा, पार्टी ने इस बस हादसे में पीड़ित परिवारों को और मुआवजा देने की मांग की है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने गुरूवार को यहां बयान जारी कर आरोप लगाया, ‘‘सीधी से सतना आ रही बस हादसे का शिकार हुई । 51 जिंदगियों को निजीकरण और मुनाफे की हवस ने निगला है।’’
उन्होंने कहा कि जिस दिन (मंगलवार को) यह हादसा हुआ, उस दिन छुहिया घाटी पर पिछले सात दिन से सड़क जाम था।
सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘इस जाम की वजह एक सीमेंट कारखाने के ओवरलोडेड ट्रकों और ट्रालों से सड़क को बुरी तरह गड्डों में तबदील कर देना था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘छुहिया घाटी के जाम के कारण ही बसों को अपने निर्धारित मार्ग को बदलकर नहर के किनारे की उस संकरी और ऊबड़-खाबड़ सड़क से निकलना पड़ रहा था, जहां यह हादसा हुआ।’’
सिंह ने आरोप लगाया कि यह सीमेंट कारखाना उसी कंपनी का है, जिसके डंपर कांड में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिजनों के नाम जुड़ चुके हैं।
छुहिया घाटी के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार इस बस हादसे के तीन दिन पहले से छुहिया घाटी मार्ग पर एक ट्रक के पलट जाने से ट्रैफिक बुरी तरह से जाम था।
यह भी खबर है कि इससे पहले इस मार्ग पर डंपरों को चलने से रोकने के लिए लोगों ने प्रदर्शन कर सड़क जाम किया था, क्योंकि इनके चलने से सड़क बार-बार बुरी तरह से खराब हो जाती थी और इस पर वाहन चलाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
सीधी जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने ‘पीटीआई-’ को सीधी से फोन पर गुरूवार को बताया कि इस बस हादसे के बाद छुहिया घाटी मार्ग में लगा जाम हटा दिया गया है और यातायात बहाल कर दिया गया है।
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