(अदिति खन्ना)
लंदन, तीन जून भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व वाले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की ब्रिटेन यात्रा मंगलवार को लंदन में संसद के दोनों सदनों और ‘इंडिया हाउस’ में कई बैठकों के बाद संपन्न हुई। इस दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख स्पष्ट रूप से पेश किया।
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में मीडिया के साथ बातचीत में रविशंकर ने कहा कि पाकिस्तान से किए जाने वाले आतंकवादी हमलों के खिलाफ भारत की कतई बर्दाश्त न करने की नीति को ब्रिटेन में “स्पष्ट रूप से समझा गया।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय स्तर पर बेहतर आदान-प्रदान को लेकर सहमति भी बनी है।
‘इंडिया हाउस’ में रविशंकर ने संवाददाताओं से कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और इसके संबंध में फैसला पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा, “हम शांति में विश्वास करते हैं, हम सौहार्द में विश्वास करते हैं, लेकिन हम आतंकवादियों को हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या करने की अनुमति नहीं दे सकते। यह स्वीकार्य नहीं है, और इस बार पाकिस्तान को बता दिया गया है कि उसे आतंकवाद को शह देने की कीमत चुकानी होगी।”
तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन प्रतिधिनिमंडल ने हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष सर लिंड्से हॉयल के साथ बातचीत की। उसने संसद में ‘इंडिया ऑल पार्टी पार्लियामेंटरी ग्रुप’ (एपीपीजी) की ओर से आयोजित संवाद में भी हिस्सा लिया।
प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में हिंद-प्रशांत मामलों की मंत्री कैथरीन वेस्ट, गृह मंत्रालय में आव्रजन मंत्री सीमा मल्होत्रा, विदेश सचिव प्रीति पटेल, सत्तारूढ़ लेबर पार्टी और विपक्षी दल कंजर्वेटिव पार्टी के प्रवासी भारतीय मित्रता समूहों तथा प्रमुख थिंक टैंक के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की।
रविशंकर ने भारतीय उच्चायोग में ‘पीटीआई-’ से कहा, “ब्रिटेन की हमारी यात्रा बहुत शानदार रही... हमारा संदेश स्पष्ट रूप से समझा गया। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि (आतंकवाद के खिलाफ) दुनिया को एकजुट होने की जरूरत है।”
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