देश की खबरें | उड़ीसा उच्च न्यायालय ने आत्मदाह मामले में एसआईटी जांच का आदेश देने से किया इनकार
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कटक, 22 जुलाई उड़ीसा उच्च न्यायालय ने कथित यौन उत्पीड़न से परेशान एक छात्रा के आत्मदाह करने की घटना की एसआईटी जांच का आदेश देने से मंगलवार को इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस को भी नोटिस जारी करते हुए कहा कि घटना के विरोध में पार्टियों द्वारा 17 जुलाई को आहूत बंद से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में बीएड की छात्रा ने 12 जुलाई को आत्मदाह का प्रयास किया था, जिसके दो दिन बाद 14 जुलाई की रात को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई। छात्रा का शरीर 95 प्रतिशत तक झुलस गया था और उसकी मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर ‘‘यौन उत्पीड़न’’ किए जाने के मामले में न्याय न मिलने पर छात्रा परेशान थी।
एक वकील ने जनहित याचिका दायर कर उच्च न्यायालय की निगरानी में घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है। वर्तमान में, अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मानस रंजन पाठक की पीठ ने अपराध शाखा द्वारा की जा रही जांच पर संतोष व्यक्त किया।
इससे पहले, राज्य के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने पीठ के समक्ष एक वस्तु स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि इस मामले में जांच का नेतृत्व महानिरीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक और कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उच्च न्यायालय की पीठ ने राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा घटना का राजनीतिकरण करने, बंद का आह्वान करने, सड़क जाम करने और सरकारी कार्यालयों तथा अस्पतालों के सामने धरना देने के प्रयासों पर आपत्ति जताई।
अदालत ने विरोध के तरीके पर स्वतः संज्ञान लिया और बीजद तथा कांग्रेस को नोटिस जारी कर उन्हें तीन सप्ताह के भीतर जनहित याचिका के संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा कि इस तरह के बंद का आह्वान उच्चतम न्यायालय के आदेशों का घोर उल्लंघन है।
जवाब दाखिल होने के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया गया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 08:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

