देश की खबरें | संबित पात्रा के खिलाफ अगली सुनवाई तक दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश

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बिलासपुर, 11 जून छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को अंतरिम राहत देते हुए शासन को उनके खिलाफ अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।

उच्च न्यायालय ने संबित पात्रा की याचिका पर शासन से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

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संबित पात्रा के अधिवक्ता शरद मिश्रा ने बताया कि पात्रा के खिलाफ 11 मई को युवा कांग्रेस के नेता पूर्ण चन्द्र पाढ़ी ने रायपुर के सिविल लाइन्स थाने में और अंकुश पिल्लई ने भिलाई नगर थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी।

पाढ़ी और पिल्लई ने पात्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नौ और 10 मई को अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी।

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एफआईआर के अनुसार पात्रा ने कश्मीर समस्या के लिए नेहरू को तथा 1984 के सिख विरोधी दंगों तथा बोफोर्स घोटाले के लिए राजीव गांधी को जिम्मेदार ठहराया था। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि है पात्रा ने धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए यह ट्वीट किया था।

अधिवक्ता मिश्रा ने बताया कि संबित पात्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने और मामले में अन्तरिम राहत देने के लिए रिट याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि राजनैतिक प्रतिशोध से यह एफआईआर दर्ज की गई है जबकि प्रथमदृष्ट्या याचिकाकर्ता के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं बनता है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी पुलिस का उपयोग याचिकाकर्ता को परेशान करने के लिए कर रही है। याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता ने धार्मिक उन्माद भड़काने जैसा कोई ट्वीट नहीं किया है। वहीं मानहानि का अपराध पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के दर्ज नहीं कर सकती है।

अधिवक्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल की एकल पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता संबित पात्रा को अंतरिम राहत देते हुए शासन को उनके खिलाफ अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया है।

मिश्रा ने बताया कि उच्च न्यायालय ने मामले में शासन से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

इससे पहले भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को रायपुर और भिलाई नगर की पुलिस ने 25 मई और दो जून को नोटिस जारी कर मामले में बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था, लेकिन पात्रा का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वह बयान देने नहीं पहुंच सके थे।

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