देश की खबरें | मानसून सत्र में विपक्ष का रवैया ‘हमला कर भाग जाओ’ का रहा, सरकार कृषि ऋण माफ करेगी : फडणवीस
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मुंबई, 18 जुलाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्य विधानमंडल के तीन सप्ताह तक चले मानसून सत्र के शुक्रवार को सत्रावसान होने के बाद विपक्ष पर ‘हमला कर भाग जाओ’का रुख अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने इसी के दौरान मानसून सत्र के दौरान अपनी सरकार के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें 16 विधेयक पारित किए गए।
मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार शाम स्थगित होने के बाद संवादाताओं से कहा कि महायुति सरकार किसानों का ऋण माफ करने को प्रतिबद्ध है।
फडणवीस ने कहा, ‘‘ऋण माफी एक अल्पकालिक उपाय है। हमने कृषि संकट को दूर करने और किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए दीर्घकालिक समाधान की सिफारिश करने के लिए एक समिति गठित की है।’’
उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान कई अहम विधेयक पारित हुए जिनमें वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए विशेष जन सुरक्षा विधेयक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग को वैधानिक दर्जा प्रदान करने से संबंधित विधेयक, नासिक कुंभ मेले के लिए पृथक प्राधिकरण और गढ़चिरौली के लिए खनन प्राधिकरण की स्थापना, तथा मादक पदार्थ अपराधों को कठोर संगठित अपराध विरोधी कानून मकोका के अंतर्गत लाने से संबंधित विधेयक शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों ने ‘महायुति’ सरकार के खिलाफ निराधार आरोप लगाए और ‘ हमला कर भाग जाओ’ (बिना सबूत के आरोप लगाना) का रुख अपनाया। ‘हमला कर भाग’ जाओ एक सैन्य रणनीति है जिसमें दुश्मन के जवाबी हमले से बचने के लिए हमले के तुरंत बाद ठिकाना बदल लिया जाता है।
राज्य का गृह विभाग भी संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि विपक्षी दलों ने गलत सूचना के आधार पर प्रश्न पूछे थे, क्योंकि उनके पास विधानसभा में उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं था।
पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले के इस्लामपुर कस्बे का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि मूल नाम बहाल कर दिया गया है।
इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल करते हैं।
विधानसभा में यह घोषणा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच विधान भवन के अंदर हुई झड़प पर फडणवीस ने कहा कि इसने मानसून सत्र के दौरान ‘महायुति’ सरकार द्वारा किए गए अच्छे काम को धूमिल कर दिया।
उन्होंने इस घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, ‘‘यहां तक कि बच्चे भी इस तरह नहीं लड़ते। दोनों एक-दूसरे को उकसा रहे थे।’’
फडणवीस ने शिवसेना (उबाठा) प्रमुख और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे के साथ बृहस्पतिवार को हुई अपनी बैठक को तूल न देने की कोशिश करते हुए कहा कि उनकी सरकार उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के समर्थन से स्थिर है।
मुख्यमंत्री से भाजपा के पूर्व सहयोगी ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने के उनके ‘प्रस्ताव’ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने हल्के-फुल्के संवाद को मीडिया की सुर्खियां बनाने पर निराशा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने अपने बगल में बैठे अपने उप-मुख्यमंत्रियों शिंदे और पवार की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘हम स्थिर हैं।’
शिंदे शिवसेना के प्रमुख हैं, जबकि पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)के अध्यक्ष हैं। दोनों पार्टियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ के घटक दल हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 10:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

