नयी दिल्ली, एक अगस्त विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव’ (इंडिया) के घटक दलों के नेताओं ने अविश्वास प्रस्ताव पर अगले सप्ताह चर्चा कराने के फैसले का विरोध करते हुए मंगलवार को लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक से बहिर्गमन किया।
लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आठ से 10 अगस्त के बीच चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 अगस्त को चर्चा का जवाब दे सकते हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई सदन की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया।
निचले सदन में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने कहा कि लोकसभा में मंगलवार सुबह जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सदस्यों ने मणिपुर पर चर्चा और प्रधानमंत्री मोदी की सदन में मौजूदगी की मांग की तो बैठक स्थगित कर दी गई।
उन्होंने बताया, ‘‘कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी ‘इंडिया’ के घटक दलों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द चर्चा कराई जाए। हम चाहते थे कि इस पर बुधवार (दो अगस्त) से ही चर्चा हो।’’
टैगोर का कहना है कि पिछली लोकसभा में जब तेलुगु देसम पार्टी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तो उसे उसी दिन कार्यसूची में शामिल कर लिया गया था।
द्रमुक नेता टी आर बालू ने कहा कि विपक्ष के नेता बीएसी की बैठक से बाहर निकल गए क्योंकि सरकार चाहती थी कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर आठ अगस्त से चर्चा कराने के फैसले का अनुमोदन करें।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच गत बुधवार को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर सदन में चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गई थी। उस दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय करेंगे।
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