देश की खबरें | विपक्ष ने आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया: भाजपा मंत्री
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नयी दिल्ली, 14 अप्रैल केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने सोमवार को विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए डॉ. बी.आर. आंबेडकर के नाम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और दावा किया कि विपक्ष उनके योगदान का सम्मान करने या उनके जीवन से जुड़े स्थानों का विकास करने में विफल रहा है।
कुमार ने डॉ. आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए ने कहा, "विपक्ष ने जीवन भर केवल बाबासाहब के नाम का इस्तेमाल किया है। उन्होंने न तो उनका दर्द साझा किया और न ही उनकी विरासत से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए काम किया।"
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा, "आज वे संविधान की प्रतियां लेकर घूमते हैं, लेकिन जब वे सत्ता में थे, तो उन्होंने कई बार इसका उल्लंघन किया। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए संविधान संशोधन के माध्यम से आपातकाल भी लगाया।"
उन्होंने तर्क दिया कि आंबेडकर ने संविधान को इतना कठोर नहीं बनाया कि उसमें संशोधन न किया जा सके।... न ही इतना कमजोर कि उसे पूरी तरह बदला जा सके। उन्होंने न्याय और एकता के लिए एक जीवंत दस्तावेज बनाया।"
कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, लेकिन विपक्ष जब सत्ता में था तो आयोग को यह दर्जा नहीं दे सका।
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायत से संसद तक 56 साल तक शासन करने वालों ने कभी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। मोदी जी ने ऐसा किया।’’
मंत्री ने कहा, "भाजपा एकमात्र पार्टी है जिसने संविधान को सर्वोच्च सम्मान दिया है। संविधान इस देश की आत्मा है।"
आरक्षण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि न्यायपालिका द्वारा सीमाएं निर्धारित की गई हैं और कोई भी चर्चा उन्हीं सीमाओं के भीतर रहनी चाहिए।
संविधान के प्रमुख निर्माताओं में से एक को श्रद्धांजलि देते हुए कुमार ने कहा, "एक छोटे परिवार में जन्मे बाबासाहब ने भारी अपमान और भेदभाव सहा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और सवाल उठाया कि हमारे देश में भेदभाव क्यों है।"
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