कोट्टायम/तिरुवनंतपुरम, 21 अक्टूबर केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आयी बाढ़ और भूस्खलनों से निपटने में सत्तारूढ़ एलडीएफ की कथित असफलता को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
राज्य में पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसे ‘‘आपदा’’ घोषित कर दिया है। राज्य में वर्षा जनित हादसों में अभी तक 42 लोगों की मौत हुई है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने पत्रकारों से कहा कि चाटुकारों से घिरे मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 2018 से ही केरल में प्राकृति आपदाओं से निपटने के उनकी सरकार के तौर-तरीकों पर कोई सवाल या उसकी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अगर कोई सवाल करता है या उनकी आलोचना करता है तो उन्हें बागी या देशद्रोह करार दिया जाता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य में 2018 से अभी तक लगातार चौथे साल प्राकृतिक आपदाओं का प्रकोप बना हुआ है, लेकिन सरकार ऐसी आपदाओं का अनुमान लगाने और उनके निपटने के लिए कोई प्रणाली विकसित करने में असफल रही है।
सतीसन ने आरोप लगाया, ‘‘कोट्टायम और इडुक्की जिलों में त्रासदी के बाद रेड अलर्ट जारी किया गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्वयं आपदा बन गया है। सरकार को उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी होनी चाहिए जो बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं, अगर पम्पा, मीनाछील, भारतपुझा या ऐसा किसी भी नदी में जलस्तर एक फुट से ज्यादा बढ़ता है तो आपदा आएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने (कांग्रेस) ऐसे अध्ययन किए हैं। सरकार ने कुछ नहीं किया है।’’
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. सुन्दरन ने भी पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश के बाद केरल में आयी बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान के लिए पिनराई सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार ऐसी स्थितियों से निपटने में पूरी तरह असफल और असमर्थ है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY