नयी दिल्ली, 21 सितंबर बिहार में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेताओं ने सोमवार को कहा कि संसद के उच्च सदन में कृषि विधेयकों को पारित करने के दौरान उप सभापति हरिवंश के साथ किये गये दुव्यर्वहार ने बिहार के गौरव को ठेस पहुंचाया है और इसके लिये राज्य के लोग विपक्षी दलों को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यसभा में रविवार को जो कुछ भी हुआ वह बहुत गलत और निंदनीय है।
उल्लेखनीय है कि हरिवंश, जनता दल (यूनाइटेड) से राज्यसभा सदस्य हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किये जाने के लिए आयोजित किए गए डिजिटल कार्यक्रम में नीतीश ने यह कहा।
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नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार ने 2006 में कृषि उत्पाद विपणन समितियों (एपीएमसी) को 2006 में समाप्त कर दिया था। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि तब विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसी तरह से हंगामा किया गया था और वह चर्चा करने से दूर भाग गया था।
वहीं, राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के लोग राज्यसभा में विपक्ष के इस अशोभनीय व्यवहार का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
सुशील ने कहा कि हरिवंश बिहार और पूरे देश के एक सम्मानित व्यक्ति हैं और इस घटना से राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस लगी है।
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 रविवार को राज्यसभा में पारित हो गए थे।
इस दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था। तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के नेतृत्व में कुछ विपक्षी सदस्य सभापति के आसन के बिल्कुल करीब आ गए थे।
राज्यसभा में रविवार को हुए हंगामे की गूंज सोमवार को भी सुनाई पड़ी और विपक्ष के आठ सदस्यों को सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया।
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