नयी दिल्ली, नौ अगस्त लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर देश के ज्वलंत मुद्दों को नजरंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी देश में नफरत और घृणा को बढ़ावा दे रही है, मणिपुर जल रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की सच्चाई है कि मणिपुर को सरकार ने बांट दिया गया है, वहां हिन्दुस्तान की हत्या की गई है तथा हरियाणा और देश के कई अन्य हिस्सों में नफरत का ‘केरोसिन छिड़क दिया’ है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों और कश्मीर में अशांति एवं कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया और कहा कि ‘‘कांग्रेस का इतिहास खून से सना है’’ और विपक्ष को महिला सुरक्षा, गरीब कल्याण, नौजवानों के हितों एवं देश के विकास से कोई सरोकार नहीं है।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में ‘भारत माता’ की हत्या की गई है और ऐसा करने वाले लोग ‘देशद्रोही’ हैं।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मणिपुर का दौरा नहीं करने को लेकर उन पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री इस राज्य को हिंदुस्तान (का हिस्सा) नहीं समझते।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आज की सच्चाई है कि मणिपुर को आपने बांट दिया है, तोड़ दिया है।’’
सत्तापक्ष के सदस्यों की टोकाटोकी के बीच कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत एक आवाज है और अगर इस आवाज को सुनना है तो अहंकार और नफरत को त्यागना होगा।
उन्होंने लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद सदन में यह वक्तव्य दिया और सदस्यता बहाल करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया।
राहुल गांधी के वक्तव्य के दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
हंगामे के बीच पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने आरोप लगाया कि देश में 70 साल तक राज करने वाली कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को बर्बाद कर दिया था।
राहुल गांधी ने अपने मणिपुर दौरे के अनुभव का उल्लेख किया और सरकार पर आरोप लगाया, ‘‘आपने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है.... भारत माता की हत्या की है और ये भारत माता के रखवाले नहीं हो सकते।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया, ‘‘आप देशद्रोही हैं, आप देशप्रेमी नहीं हैं.... इसलिए आपके प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं जा रहे।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देश के लोगों की एक आवाज है, देश के लोगों का दुख-दर्द है, कठिनाइयां हैं।
राहुल ने कहा, ‘‘ इस आवाज को सुनने के लिए हमें अपने अहंकार को खत्म करना पड़ेगा। तभी हमें इस हिन्दुस्तान की आवाज सुनाई देगी।’’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पूरे देश ने देखा कि राहुल गांधी ने भारत माता की हत्या की बात की और कांग्रेस के लोग यहां मेज थपथपा रहे थे, संसदीय इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।
विपक्षी सदस्यों की टोकाटोकी के बीच ईरानी ने राहुल के एक बयान के जवाब में कहा, ‘‘मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है, वह देश का अभिन्न अंग है। ’’
ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने न सिखों के साथ इंसाफ किया, न ही नौजवानों, किसानों के हितों की चिंता की और न ही महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया।
ईरानी ने कहा, ‘‘ ऐसे में जो देश के लोगों, महिलाओं, गरीबों और नौजवानों की बात कर रहा है, उस पर देश फिर से विश्वास करेगा। 2024 में फिर से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता कभी भी उनकी (राहुल गांधी) माताजी के हाथों में देश की तिजोरी की चाबी नहीं देगी।’’
स्मृति ईरानी ने यह दावा भी किया कि उनसे पहले के वक्ता कांग्रेस सांसद (राहुल गांधी) ने सदन से जाते हुए अभद्र आचरण दर्शाया है और ऐसा आचरण संसद में कभी नहीं देखा गया।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मिथुन रेड्डी ने कहा कि मणिपुर में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राजनीति को अलग रखकर मणिपुर में शांति बहाली के लिए प्रयास करने चाहिए और देश में कहीं भी जातीय और सांप्रदायिक संघर्षों का हल निकाला जाना चाहिए।
रेड्डी ने कहा कि मजबूत देश के लिए मजबूत मणिपुर जरूरी है।
उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इसका कोई महत्व नहीं है क्योंकि सत्तारूढ़ राजग के पास पूरा बहुमत है।
रेड्डी ने कहा कि हमें राजनीतिक उद्देश्य से ऐसे प्रस्ताव नहीं लाने चाहिए।
जदयू के राजीव रंजन सिंह ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के सदस्यों द्वारा अन्य राज्यों की छोटी-मोटी घटनाओं का उल्लेख करके मणिपुर की घटनाओं को जायज ठहराना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि चर्चा में सत्तापक्ष की ओर से किसी ने मणिपुर पर एक शब्द नहीं बोला।
सिंह ने मणिपुर के अपने दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में दो समुदायों के बीच इतनी घृणा है कि उसे पाटना बहुत मुश्किल है, वहां दोनों समुदाय के लोगों में विश्वास की कमी है।
जदयू सांसद ने कहा कि सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दोनों समुदाय के लोग मणिपुर की हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल यह चाह रहा था कि प्रधानमंत्री इस विषय पर सदन में आकर बोलें, लेकिन वह एक शब्द नहीं बोल रहे और मौन धारण किये रहे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नौ साल के शासन के बाद देश की जनता खुद को छला हुआ महसूस कर रही है।
सिंह ने कहा कि 2015 में जब जदयू, राजद और कांग्रेस का गठबंधन हुआ तो बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रिकार्ड 43 आम सभाएं कीं, लेकिन भाजपा 52 सीट पर सिमट गयी।
सिंह ने दावा किया कि सरकार ने लालू प्रसाद के परिवार पर छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जब 2017 में यह गठबंधन टूटा तो 2022 तक केंद्र की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन जैसे ही 9 अगस्त 2022 में फिर से जदयू और राजद का गठबंधन हुआ तो केंद्रीय एजेंसियां पुन: सक्रिय हो गयीं और छापेमारी शुरू हो गयी।
उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार कुछ भी कर ले, लेकिन बिहार में सभी लोकसभा सीट ‘इंडिया’ गठबंधन को मिलेंगी।
सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भाजपा की जीत की भविष्यवाणी बिहार में, पश्चिम बंगाल में, कर्नाटक में और हिमाचल प्रदेश में गलत साबित हो चुकी है, इसी तरह 2024 में नरेन्द्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की उनकी भविष्यवाणी भी गलत साबित होगी।
जारी दीपक हक वैभव
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