देश की खबरें | बेंगलुरु शहर में फ्लाईओवर का नामकरण सावरकर के नाम पर करने के कदम का विरोध

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बेंगलुरु, 27 मई कांग्रेस और जनता दल(एस) ने शहर में एक फ्लाईओवर का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी एवं हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के नाम पर करने के कदम का विरोध किया है और इसे राज्य के स्वतंत्रता सेनानिया का अपमान बताया है।

चार सौ मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण सूत्रों के अनुसार 34 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसका उद्घाटन बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री बी एस येदिुयरप्पा द्वारा किया जाना निर्धारित है। इसी दिन सावरकर का जन्मदिन भी है।

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विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने फ्लाईओवर का नामकरण सावरकर के नाम पर करने के कदम को कर्नाटक की धरती के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया और येदिुयरप्पा से आग्रह किया कि वह इसे रोक दें और फ्लाईओवर का नामकरण राज्य के किसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर करें।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘येलाहांका फ्लाईओवर का नामकरण सावरकर के नाम पर करने का जल्दबाजी में किया गया निर्णय यह कहने का आधार है कि प्रशासन एक निर्वाचित सरकार द्वारा नहीं बल्कि परदे के पीछे रहने वालों द्वारा चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री क्या आप ऐसे जनता विरोधी निर्णयों पर विपक्ष का सहयोग मांग रहे हैं?’’

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एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं जद(एस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि यह निर्णय उन लोगों का अपमान है जिन्होंने राज्य की समृद्धि के लिए संघर्ष किया और ऐसा करना सरकार का अधिकार नहीं है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कई प्रतिष्ठित हस्तियां हैं जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद में राज्य के विकास और कल्याण के लिए लड़ाई लड़ी, फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर रखा जा सकता था। क्या अन्य राज्यों ने राज्य से स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर चीजें बनाई हैं? मैं लोगों से राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि वह फैसले को वापस ले।’’

सूत्रों के अनुसार येलाहांका में फ्लाईओवर का नामकरण वीर सावरकर के नाम पर करने का निर्णय 29 फरवरी को वृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (शहर निकाय) परिषद की बैठक में किया गया था।

येलाहांका के विधायक एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव एस आर विश्वनाथ ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि उस स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर फ्लाईओवर का नामकरण करने में कुछ भी गलत नहीं है जिसे जेल की सजा हुई थी और जिसने देश की खातिर कालापानी (पूर्ववर्ती अंडमान जेल) में सजा काटी।

उन्होंने कहा कि बीबीएमपी परिषद ने नियमों के अनुसार कानूनी रूप से इसे मंजूरी दे दी है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और उसके बाद ही नामकरण की योजना बनाई गई है।

विश्वनाथ ने फ्लाईओवर का नामकरण पर सावरकर के नाम पर करने पर विवाद उत्पन्न करने के प्रयास को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कई परियोजनाओं और पुलों का नाम राज्य और देश की प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम पर रखा गया है और यह वैसा ही एक ऐसा कदम है।

कांग्रेस ने उनकी दलील को खारिज करते हुए कहा कि विरोध के बावजूद पुल का नामकरण सावरकर के नाम पर करने का निर्णय किया गया। कांग्रेस ने साथ ही कर्नाटक और बेंगलुरु के प्रति सावरकर के योगदान को लेकर सवाल उठाया।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इससे पहले सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने के सुझाव का भी जोरदार विरोध किया था।

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