नयी दिल्ली, सात दिसंबर देश के शेयर बाजार के समग्र स्वास्थ्य और वृद्धि में कामकाज का संचालन (कॉरपोरेट गवर्नेंस) और भरोसे ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा, “कॉरपोरेट गवर्नेंस के बिना इस शेयर बाजार के आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है।”
उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित वैश्विक आर्थिक नीति मंच (जीईपीएफ) को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि शेयर बाज़ार में सीधे निवेश करने वाले निवेशकों की कुल संख्या 8.35 करोड़ हो गई है।
इन निवेशकों में एनएसई के व्यापारिक सदस्यों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में सीधे निवेश करने वाले लगभग 17 प्रतिशत परिवार शामिल हैं।
चौहान ने कहा, “अगर एनएसई एक देश होता तो हम दुनिया का 20वां सबसे बड़ा देश होते।”
उन्होंने कहा कि संचालन के अलावा दूसरा प्रमुख कारक भरोसा है, जिससे शेयर बाजारों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
चार लाख करोड़ डॉलर के बाजार पूंजीकरण के साथ भारत अब हांगकांग को छोड़कर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। हांगकांग का बाजार पूंजीकरण मुख्य रूप से वहां सूचीबद्ध चीनी कंपनियों के कारण है।
शेयर बाजार पूंजीकरण के मामले में भारत से आगे सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग हैं।
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