यूएई के स्वास्थ्य अधिकारियों से मंजूरी पाए लोगों को ही विमान में चढ़ने दिया जाएगाः भारतीय दूतावास
विदेश में फंसे भारतीयों को निकालने की कवायद बृहस्पतिवार से शुरु होगी भारत सरकार ने सोमवार को सात मई से विदेश में फंसे अपने नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से निकालने की योजना की घोषणा की थी।
दुबई, छह मई संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने कहा कि सिर्फ उन भारतीयों को स्वदेश लौटने की इजाजत दी जाएगी जिन्हें देश के स्वास्थ्य अधिकारी मंजूरी देंगे और जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं होगा।
विदेश में फंसे भारतीयों को निकालने की कवायद बृहस्पतिवार से शुरु होगी भारत सरकार ने सोमवार को सात मई से विदेश में फंसे अपने नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से निकालने की योजना की घोषणा की थी।
भारत के नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि एअर इंडिया कोरोना वायरस की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन के कारण विदेश फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 64 उड़ानों का संचालन करेगी। इनसे करीब 15,000 भारतीयों को स्वदेश लाया जाएगा।
यूएई में भारतीय राजदूत पवन कपूर ने कहा है कि यूएई में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए बृहस्पतिवार को दो विशेष उड़ानों का संचालन होगा। इसकी शुरुआत केरल के लोगों से होगी जिन्होंने यहां वतन वापसी के लिए पंजीकरण कराया था। यूएई में केरल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को कहा कि हवाई अड्डे के प्रस्थान पर रवाना होने वाले सभी यात्रियों को चिकित्सा स्क्रीनिंग और आईजीएम/आईजीजी जांच करानी होगी और सिर्फ उनको ही विमान में सवार होने दिया जाएगा जिन्हें यूएई के स्वास्थ्य अधिकारी मंजूरी देंगे और जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं मिलेगा।
दूतावास के मुताबिक, सभी यात्रियों को शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे कि वह स्वदेश पहुंच कर अनिवार्य रूप से पृथक-वास में जाएंगे और इसका खर्चा उठाएंगे।
दूतावास / वाणिज्य दूतावास ने सात मई की दो उड़ानों के लिए यात्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है और टिकट जारी करने के लिए इसे एअर इंडिया एक्सप्रेस को भेजा है।
गल्फ न्यूज ने खबर दी है कि यूएई से भारत लौटने के लिए 2000 से कम भारतीयों ने इच्छा जताई है।
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