देश की खबरें | एनीमिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पांच राज्यों में चल रही यात्रा

नयी दिल्ली, 27 दिसंबर ‘‘फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया’’ महिलाओं में एनीमिया की बढ़ती घटनाओं को कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पांच राज्यों में यात्रा निकाल रही है।

‘नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन यात्रा-एनीमिया नेशनल राइड’ 28 नवंबर को ऋषिकेश से शुरू हुई और पांच राज्यों - उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 20 शहरों की यात्रा करेगी।

फेडरेशन के अध्यक्ष हृषिकेश डी पाई ने कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में यात्रा का समापन कोलकाता में होगा।

यात्रा का उद्देश्य भारतीय महिलाओं में समग्र स्वास्थ्य जागरूकता लाना है, विशेष रूप से एनीमिया की रोकथाम के बारे में।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने हाल ही में “बच्चों (0-19 वर्ष) में एनीमिया के नियंत्रण के लिए निगरानी, निरंतरता, तीव्रता और गुणवत्ता (सी2आईक्यू)” पर देश में बच्चों और किशोरों में एनीमिया के प्रबंधन को समझने के लिए एक पूरे दिन की बैठक आयोजित की।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में हर दो में से एक महिला को एनीमिया है और जो महिलाएं गर्भवती नहीं हैं उनमें इसका प्रसार 57 प्रतिशत तथा गर्भवती महिलाओं में 52 प्रतिशत है।

डॉ. पाई ने कहा कि इसी तरह, इसी सर्वेक्षण से पता चलता है कि पांच वर्ष से कम उम्र के 67 प्रतिशत बच्चे और 59 प्रतिशत किशोर लड़कियां तथा 31 प्रतिशत किशोर लड़कों को एनीमिया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)