देश की खबरें | बंद खातों में जालसाजी कर बैंकों से करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
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नोएडा, 11 जुलाई उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर -20 पुलिस ने कथित रूप से बंद बैंक खातों से जालसाजी कर करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह के एक सदस्य को शनिवार को गिरफ्तार किया।
ये जालसाज खाताधारकों का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उसके आधार पर फोन नंबर बदलवाते थे। इसके बाद चेक बुक हासिल कर उन खातों से रुपये निकालते थे।
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पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) संकल्प शर्मा ने बताया कि थाना सेक्टर्-20 क्षेत्र के सेक्टर 18 में स्थित आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंधक विवेक राजगारिया ने थाना पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति उनके बैंक में आया है, जो अपने आप को आदित्य जगमोहन शर्मा पुत्र शांति रंजन निवासी आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन आराम बाग पहाड़गंज बता रहा है, तथा इस नाम के बैंक खाते का फोन नंबर बदलवाने तथा नयी चेक बुक जारी करने के लिए आवेदन दे रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रबंधक के मुताबिक जिस खाता को आरोपी अपना बता रहा था उसे वर्ष 2003 में ही खाताधारक की मौत के बाद फ्रीज कर दिया गया था। उस खाते में दो करोड़ रुपये जमा है।
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पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बैंक प्रबंधक की सूचना पर थाना सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खाते में बदलाव के इच्छुक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति ने अपना नाम बबलू विश्वास पुत्र शांति रंजन विश्वास निवासी पांडव नगर दिल्ली बताया। उसने बताया कि उसके गिरोह में विवेक गोयल, समीर खान, मोंटी, शेरपाल तथा वीरेंद्र यादव सहित कई लोग शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया वे लोग बैंकों में बंद पड़े खातों के खाता धारक की पूरी जानकारी निकाल कर, उसके नाम से फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व पैन कार्ड बनवाते हैं, तथा बैंकों में आवेदन देकर उनके अकाउंट में फोन नंबर बदलवा कर, चेक बुक हासिल कर लेते हैं।
उन्होंने बताया कि उस चेक बुक के आधार पर खाते में जमा राशि को अपने खातों में हस्तांतरित कर लेते हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने बबलू को गिरफ्तार कर लिया तथा उसके पास से खाता धारक आदित्य जगमोहन शर्मा के नाम से बनाए गए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड व पैन कार्ड भी बरामद किया है।
उन्होंने बताया कि इसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि इस गिरोह ने अब तक कई बैंकों में बंद पड़े खातों से हेराफेरी कर करोड़ों रुपये निकाले हैं।
उन्होंने बताया कि हमें शक है कि इस मामले में कुछ बैंकों के कर्मचारी भी सम्मिलित है, क्योंकि बिना बैंक कर्मियों की मिलीभगत के यह धोखाधड़ी नहीं ही सकती।
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