ताजा खबरें | हवाई किराए में भारी वृद्धि के मुद्दे पर लोकसभा सदस्यों ने सरकार से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 20 जुलाई लोकसभा में कुछ सदस्यों ने पिछले कुछ महीनों में विमान यात्रा के टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि का मुद्दा उठाया और सरकार से हवाई यात्रा को सुलभ और वहनीय बनाने के लिए उठाये गए कदमों की जानकारी मांगी।

लोकसभा में कुंवर दानिश अली ने एक प्रश्न में पूछा था कि क्या पिछले कुछ महीनों में विमान टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है जिसके कारण लोगों के लिए हवाई यात्रा का खर्च वहन करना कठिन हो गया है।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार के पास सभी के लिए हवाई यात्रा को सुलभ और वहनीय बनाने की कोई योजना नहीं है।

निचले सदन में ए रेवंत रेड्डी ने एक अतारांकित प्रश्न पूछा था कि क्या सरकार विमान किराए में असाधारण ढंग से होने वाले परिवर्तन पर नजर रख रही है? उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने किराये में अत्यधिक मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए परिवर्तन सीमा तय करने के लिए विनियमन पर विचार किया है?

सदस्यों के प्रश्नों के लिखित उत्तर में नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि विमान किराया बाजार चालित होता है और सरकार द्वारा इसे न तो विनियमित और न ही निर्धारित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि एयरलाइन सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए उचित शुल्क तय कर सकती हैं जिसमें प्रचालन लागत, सेवा की विशेषताएं और उचित लाभ शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एयरलाइन विमान नियम, 1937 के तहत नियामक प्रावधानों का अनुपालन किया जाता है।

सिंह ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुल्क निगरानी इकाई की स्थापना की है जो आकस्मिक आधार पर चुनिंदा क्षेत्रों पर किराए की निगरानी करती है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ इकाई यह भी सुनिश्चित करती है कि एयरलाइन द्वारा वसूला जाने वाला विमान किराया उस निर्धारित शुल्क के भीतर है जो उनकी वेबसाइट पर प्रदर्शित होता है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विमान किराये में वृद्धि मुख्य रूप से मौसम और मांग आपूर्ति बाधाओं से प्रेरित है और ईंधन की कीमतों मे वृद्धि भी इसके लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने विमानन कंपनियों को संवेदनशील बनाने के लिए कदम उठाए हैं और चुनिंदा क्षेत्रों में हवाई किरायों की दैनिक आधार पर निगरानी की जाती है जिनके परिणामस्वरूप उसमें गिरावट का रूझान देखा गया है।

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