देश की खबरें | जेपी की 120वीं जयंती पर सिताब दियारा के सुर्खियों में आने से विकास की संभावना जगी

सिताब दियारा (बिहार), 11 अक्टूबर दिग्गज समाजवादी नेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती पर सारण जिला में उनकी जन्मस्थली सिताब दियारा में हाईप्रोफाइल नेताओं के कार्यक्रमों और घोषणाओं से ग्रामीणों में अपने गांव के विकास की आस जगी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित इस गांव का दौरा किया और दिग्गज समाजवादी नेता जेपी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।

शाह के साथ सिताब दियारा के कार्यक्रम में भाग लेने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गए थे।

इस अवसर पर गांव के कुछ बुजुर्गों ने जेपी के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए आशा जतायी कि सिताब दियारा के फिर से चर्चा में आने पर यहां कुछ विकास की शुरूआत होगी।

सिताब दियारा के निवासी और एक सेवानिवृत्त शिक्षक सुदर्शन राम (84) ने कहा कि उन्हें याद है कि 1900 के दशक की शुरुआत में जेपी और उनके कुछ दोस्तों को गाँव की कीचड़ वाली गलियों में खेलते हुए देखा गया था।

राम, जिन्हें स्थानीय लोग ‘‘मास्टर साहब’’ कहते हैं, ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि ‘‘जेपी की जयंती आती है और चली जाती है, लेकिन इस अवसर पर राजनेताओं द्वारा दौरा किया जाने वाला उनका गांव सरकार की प्राथमिकताओं की सूची में मुश्किल जगह पाता है।’’

राम ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस बार इस सुदूर गांव में कद्दावर राजनेताओं के दौरे से इसकी तस्वीर कुछ हद तक बदलेगी।’’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले सप्ताह गंगा और घाघरा नदियों के संगम पर स्थित सिताब दियारा का दौरा किया था और हर साल बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करने वाले गांव में किए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया था।

एक अन्य ग्रामीण भगवान मल्लाह (74) ने जेपी के साथ नाव की सवारी करने को याद करते हुए कहा, ‘‘लाला टोला के लड़के अक्सर नाव की सवारी करने और नावों पर खेलने में घंटों बिताते थे। इस गाँव में बहुत कुछ नहीं बदला है क्योंकि लड़के बारिश के मौसम में अभी भी ऐसा ही करते हैं। जेपी मेरे लिए वरिष्ठ थे लेकिन वह सभी के लिए सहज थे।’’

वृद्ध राम जतन राय ने अफसोस जताया कि लोकनायक की जन्मस्थली होने के बावजूद गांव ने लंबे समय तक ‘‘उपेक्षा’’ झेली है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जेपी के गांव से होने को अपना सौभाग्य मानते हैं लेकिन यहां के लोग अभी भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं। शुक्र है राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से सिताब दियारा तक एक संपर्क सड़क बनाने का काम कुछ महीनों पहले हुआ है।’’

इस बीच जेपी की 120 वीं जयंती के अवसर पर उनके गांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के मद्देनजर रद्द कर दिया गया।

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