नयी दिल्ली, तीन अगस्त राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को रक्षाबंधन का त्योहार राष्ट्रपति भवन में नर्सिंग के पेशे से जुड़े सदस्यों के साथ मनाया और उन्हें अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर दूसरों की रक्षा करने वाला बताया।
राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर कहा कि नर्सों ने राष्ट्रपति को राखियां बांधीं और कोविड-19 से निपटने में अपने अनुभव साझा किए।
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राष्ट्रपति ने नर्सों का सम्मान करते हुए कहा कि वे अग्रिम मोर्चे के कोविड योद्धाओं का काम कर रही हैं और काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से उनके सम्मान में इजाफा हुआ है।
राष्ट्रपति ने कहा कि परंपरागत रूप से रक्षाबंधन का त्योहार भाइयों द्वारा बहनों की रक्षा से जुड़ा हुआ है लेकिन नर्सों के मामले में यह है कि वे अपनी प्रतिबद्धता से अपने भाइयों का सहयोग करती हैं और सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
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उन्होंने सेना की नर्सिंग सेवा के दो सदस्यों का जिक्र किया जो रोगियों की सेवा करते हुए कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं, लेकिन जल्द ठीक होने के बाद पूरे उत्साह से काम पर लौट आईं। उन्होंने महामारी के दौरान प्रतिबद्धता के लिए नर्सिंग समुदाय को धन्यवाद दिया।
हरेक नर्स ने कोविड-19 रोगियों का सहयोग करने का अपना अनुभव साझा किया लेकिन सबके विचार एक थे कि बीमारी के बारे में गलत धारणा के कारण रोगियों को काफी मानसिक तनाव था और इसका समाधान चिकित्सीय एवं काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने उन्हें सुना और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने रक्षाबंधन पर पूरे नर्सिंग समुदाय को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर बताया कि राष्ट्रपति से मुलाकात करने और उन्हें शुभकामनाएं देने वालों में ट्रेन्ड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस और राष्ट्रपति इस्टेट क्लीनिक के प्रतिनिधि शामिल थे।
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