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जरुरी जानकारी | तेल- तिलहन बाजार में मजबूती, सरकारी एजेंसियों को सरसों का स्टॉक बचाकर रखने की जरूरत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में तेजी की खबर और सरसों, मूंगफली तेल की मांग जारी रहने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को कुल मिलाकर मजबूती का रुख रहा। सरसों पूर्व स्तर पर टिकी रही जबकि मूंगफली में निर्यात मांग से 50 रुपये क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। नेफैड की घटे भाव पर सरसों बिकवाली को बाजार ने हैरत भरी निगाह से देखा।

जरुरी जानकारी | तेल- तिलहन बाजार में मजबूती, सरकारी एजेंसियों को सरसों का स्टॉक बचाकर रखने की जरूरत

नयी दिल्ली, 16 सितंबर विदेशों में तेजी की खबर और सरसों, मूंगफली तेल की मांग जारी रहने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को कुल मिलाकर मजबूती का रुख रहा। सरसों पूर्व स्तर पर टिकी रही जबकि मूंगफली में निर्यात मांग से 50 रुपये क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। नेफैड की घटे भाव पर सरसों बिकवाली को बाजार ने हैरत भरी निगाह से देखा।

तेल तिलहन बाजार के जानकारों का कहना है कि नेफेड ने मंगलवार को जहां 5,000 रुपये क्विंटल के भाव 100 टन माल छोड़ा था वहीं बुधवार को उसने 4,900 रुपये क्विंटल के भाव 260 टन माल निकाला। आगे के लिये 4,893 रुपये की बोली लगाई जा रही है। नेफेड के घटे भाव पर सरसों की बिकवाली को बाजार ने हैरत भरी निगाह से देखा है। उनका कहना है कि आगरा के सलोनी में 42 प्रतिशत कंडीशन सरसों का 5,750 रुपये क्विंटल के भाव पर काम हुआ है।

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सूत्रों का कहना है कि सरकारी एजेंसियों को सरसों बाजार में संतुलन बनाये रखने के लिये स्टॉक को बचाकर चलने की जरूरत है। कोविड- 19 महामारी के बाद लोगों के बीच घरेलू तेलों के प्रति आकर्षण बढ़ा है। सरसों तेल की मांग बढ़ रही है ऐसे में नेफेड, हाफेड को सरसों का स्टॉक बचाकर रखना चाहिये, क्योंकि इसकी नई फसल फरवरी, मार्च तक ही आ पायेगी। बाजार में सरसों तेल का कोई विकल्प नहीं है इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिये।

सूत्रों के अनुसार दूसरी तरफ खाद्य तेलों का बेपड़ता आयात बदस्तूर जारी है। सोयाबीन डीगम का कांडला में आयात 9,150 रुपये क्विंटल पड़ता है जबकि वायदा बाजार में सोयाबीन रिफाइंड तेल का भाव 9,110 रुपये क्विंटल बोला जा रहा है। इसी प्रकार कच्चा पॉम तेल का कांड़ला बंदरगाह पर 8,050 रुपये भाव पड़ता है जबकि वायदा में यह 7,800 रुपये क्विंटल पर बोला जा रहा है। ऐसे में इन तेलों का आयात करने के बजाय वायदा में सौदे करना फायदेमंद होगा।

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सरकार ने अगले पखवाड़े के लिये सोयाबीन डीगम का आयात शुल्क मूल्य 821 डालर से बढ़कर 846 डालर प्रति टन और कच्चा पॉम तेल का भाव 722 से बढ़कर 730 डालर प्रति टन कर दिया है। बाजार सूत्रों के अनुसार नये सोयाबीन की आवक छिटपुट शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के सांगली, लातूर में 2,000 बोरी की आवक हुई है। सनफ्लावर की लातूर में 1,000 तक बोरी की आवक हुई है भाव समर्थन मूल्य से नीचे बोले जा रहे हैं।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,340 - 5,390 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,835- 4,885 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,380 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,835 - 1,895 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,645 - 1,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,755 - 1,875 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,750 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,550 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,750 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,820 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,150 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,250 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 3,770- 3,795 लूज में 3,620 -- 3,670 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2020 05:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).