जरुरी जानकारी | तेल तिलहन कारोबार में सरसों, सीपीओ में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इंडोनेशिया में कच्चे पॉम तेल (सीपीओ) पर निर्यात शुल्क लगाये जाने के कारण मंगलवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सीपीओ तेल कीमत में सुधार रहा जबकि कम स्टॉक के बीच जाड़े की घरेलू मांग बढ़ने से सरसों दाना और सरसों तेल कीमत में भी लाभ दर्ज हुआ।
नयी दिल्ली, एक दिसंबर इंडोनेशिया में कच्चे पॉम तेल (सीपीओ) पर निर्यात शुल्क लगाये जाने के कारण मंगलवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सीपीओ तेल कीमत में सुधार रहा जबकि कम स्टॉक के बीच जाड़े की घरेलू मांग बढ़ने से सरसों दाना और सरसों तेल कीमत में भी लाभ दर्ज हुआ।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पामतेल के महत्वपूर्ण निर्यातक देश इंडोनेशिया ने कच्चा पामतेल (सीपीओ) पर निर्यात शुल्क को बढ़ाकर 925 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है। इसके अलावा मलेशिया एक्सचेंज में 1.25 प्रतिशत की तेजी से भी सीपीओ दाम में सुधार आया है।
यह भी पढ़े | किसान आंदोलन से दिल्ली के लोगों को नहीं हो रही है परेशानी: सतेंद्र जैन.
उन्होंने कहा कि देश में जाड़े के मौसम की मांग बढ़ने तथा किसानों एवं नाफेड के पास स्टॉक कम रहने से सरसों दाना सहित इसकी तेल कीमतों में सुधार आया।
सरसों दाना में 25 रुपये, सरसों दादरी में 50 रुपये तथा सरसों पक्की और कच्ची घानी की कीमतों में पांच-पांच रुपये का सुधार आया। दूसरी ओर सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली और सोयाबीन तेल- तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
यह भी पढ़े | सर्दियों में इन कामों को करने से करते हैं आनाकानी, कोरोना काल में पड़ सकता है महंगा.
सूत्रों ने कहा कि नाफेड ने मंगलवार को सरसों बिक्री के लिए लगाई जाने वाली सारी कम बोलियों को निरस्त कर दिया, जबकि आगरा की सलोनी मंडी में तेल मिलों ने सरसों दाना का भाव 6,400 रुपये से बढ़ाकर 6,600 रुपये क्विन्टल कर दिया। मंगलवार के दिन सहकारी संस्था नाफेड को सरसों बिक्री के लिए 5,551 रुपये क्विन्टल तथा हाफेड को 5,451 रुपये क्विन्टल की कम कीमत वाली बोली प्राप्त हुई। जबकि हरियाणा और नजफगढ़ की हाजिर मंडियों में सरसों लूज में 5,800 रुपये क्विन्टल चल रही है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को तेल-तिलहन मामले में आयात पर निर्भरता कम से कम करने का भ्ररपूर प्रयास करना होगा नहीं तो विदेशों पर निर्भरता बढ़ना देश के उपभोक्ताओं, तेल उद्योग और देश के किसानों के हित में नहीं है।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,225 - 6,275 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,465- 5,515 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,000 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,160 - 2,220 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,880 - 2,030 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,000 - 2,110 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,700 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,450 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 10,450 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,750 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,300 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,250 रुपये।
पामोलीन कांडला- 9,500 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,600 - 4,650 लूज में 4,435 -- 4,465 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2020 09:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

