जरुरी जानकारी | तेल, गैस खोज नियमों को सरल किया गया, कुओं में खोज से लेकर उत्पादन करने के समय में कटौती की गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत के तेल खोज क्षेत्र के नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने तेल एवं गैस कुओं में खोज से संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाया है। इससे कुओं में खोज के बाद उनसे जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली, 26 जून भारत के तेल खोज क्षेत्र के नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने तेल एवं गैस कुओं में खोज से संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाया है। इससे कुओं में खोज के बाद उनसे जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी।

डीजीएच ने तेल एवं गैस के कुओं की खोज के बाद जल्द से जल्द व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने से संबंधित दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि अब कंपनियां समय व्यर्थ करने वाली कागजी कार्रवाई पूरी किये बिना खोजे गये किसी भी तेल एवं गैस के कुओं से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर सकती हैं।

यह भी पढ़े | दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर, कोविड-19 के मामले 94 लाख के पार.

सरकार के साथ तेल एवं गैस कंपनियों के अनुबंध में दरअसल नये खोजे गये कुओं के विकास व उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने में में सबसे ज्यादा समय लगता है।

हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने कहा, ‘‘इन समयसीमा के भीतर एक प्रारंभिक चरण में खोजे गये कुओं से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने पर कोई पाबंदी नहीं है। यह तो बल्कि सार्वजनिक हित में होगा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में खोजे गये कुओं से तत्काल व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया जाये।’’

यह भी पढ़े | PAN-Aadhaar Linking Deadline: पैन-आधार लिंक करने की आखिरी तारीख अब 31 मार्च 2021, टैक्सपेयर्स को भी मिली राहत.

डीजीएच ने कंपनियों को मूल्यांकन, व्यावसायिकता (डीओसी) की घोषणा और विकास योजना प्रस्तुत करने से पहले ही प्रारंभिक चरण की खोजों (खोजे गये कुओं) को विकसित करने तथा उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने की अनुमति दे दी।

इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि एक बार एक कंपनी तेल एवं गैस के कुओं को खोज लेती है, तब यह सीधे उत्पादन शुरू कर सकती है और इसे बेच सकती है।

पहले, कंपनियों को किसी भी खोज के मूल्यांकन के बाद व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य साबित करने के लिये दस्तावेज दर्ज करने की आवश्यकता होती थी। उन्हें एक निवेश योजना प्रस्तुत करने और उत्पादन प्रोफाइल के लिये एक प्रस्ताव पेश करने की आवश्यकता भी होती थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\