देश की खबरें | किसान ऋण माफी पर अधिकारियों ने विधानसभा में दी गलत जानकारी : मंत्री भूपेन्द्र सिंह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने बुधवार को दावा किया कि अधिकारियों ने पिछली कांग्रेस सरकार के कृषि ऋण माफी के बारे में विधानसभा को गलत जानकारी दी है।
भोपाल, 23 सितंबर मध्यप्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने बुधवार को दावा किया कि अधिकारियों ने पिछली कांग्रेस सरकार के कृषि ऋण माफी के बारे में विधानसभा को गलत जानकारी दी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने मंगलवार को कहा था कि विधानसभा में मध्य प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की कृषि ऋण माफी योजना से 26.95 लाख किसानों को लाभ हुआ है। कमलनाथ ने कहा कि इससे सत्तारुढ़ भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे 'झूठ' का पर्दाफ़ाश हुआ है।
किसान ऋण माफी योजना में 26.95 लाख किसानों को लाभ मिलने के प्रदेश भाजपा सरकार की स्वीकारोक्ति के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘अधिकारियों ने इस संबंध में प्रदेश विधानसभा को गलत जानकारी दी है। जांच के बाद सही जानकारी दी जाएगी।’’
सिंह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना से जुड़े आंकड़े केन्द्र को नहीं देने का भी आरोप लगाया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खाते में तीन समान किस्तों में छह हजार रुपये डाले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किसानों की जानकारी केन्द्र सरकार को भेजी जा रही है ताकि सभी पात्र किसानों को इसका लाभ मिल सके।
इससे पहले मंगलवार को कमलनाथ ने यहां जारी अपने एक बयान में कहा था, ‘‘इस झूठ की राजनीति का पर्दाफ़ाश स्वयं शिवराज सरकार ने कल (सोमवार को) विधानसभा में कर दिया। स्वीकार किया कि प्रदेश में प्रथम और द्वितीय चरण में कांग्रेस की सरकार ने 51 जिलों में 26.95 लाख किसानों का 11,600 करोड़ रूपये से अधिक का ऋण माफ किया है।’’
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से सफेद झूठ बोलने और गुमराह करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से माफी मांगने की भी मांग की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)