देश की खबरें | ओडिशा रेल हादसा : तृणमूल ने केंद्र पर यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया

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कोलकाता, तीन जून तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार की आलोचना की और उस पर यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

टीएमसी ने कहा कि केंद्र सरकार इस त्रासदी की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।

गौरतलब है कि शुक्रवार शाम हुए हादसे में कम से कम 288 लोगों की मौत हो गई।

तृणमूल की आलोचना के बाद भाजपा ने उससे इस त्रासदी पर राजनीति नहीं करने का आग्रह किया।

भारतीय रेलवे ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा रेल मंत्रालय की उपेक्षा की जा रही है। बनर्जी ने शनिवार दोपहर दुर्घटना स्थल का दौरा किया।

उन्होंने कहा, "रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने जो टक्कर रोधी उपकरण लगाने का फैसला किया था, वह नहीं लगा है।"

ममता बनर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान दो बार रेल मंत्री रहीं।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस हादसे को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं की जासूसी के लिए सॉफ्टवेयर पर करोड़ों रुपये खर्च करती है लेकिन रेल हादसों को रोकने के लिए ट्रेनों में टक्कर रोधी उपकरण लगाने में लापरवाही करती है।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों और नव-निर्मित रेलवे स्टेशनों का दावा करती है ताकि "जनता को गुमराह" कर राजनीतिक समर्थन हासिल किया जा सके, लेकिन वह सुरक्षा उपायों को लेकर लापरवाही बरत रही है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पिछले नौ वर्षों में रेल मंत्रालय ने क्या किया है? प्रधानमंत्री, वंदे भारत ट्रेनों के बारे में बात करते हैं। क्या यह यात्रियों की सुरक्षा का एक उदाहरण है? यह किसकी जिम्मेदारी है? केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे की अधिकांश परियोजनाओं का उद्घाटन बिना काम पूरा किए ही किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "जब भी किसी नए ट्रेन का उद्घाटन किया जाता है तो उद्घाटन के लिए वहां प्रधानमंत्री पहुंचते हैं। फिर वह इस घटना की जिम्मेदारी क्यों नहीं लेंगे? रेल मंत्री जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं देंगे? यह दोहरा मापदंड बंद होना चाहिए।"

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