भुवनेश्वर, 30 अगस्त कमजोर मानसून के कारण राज्य के लगभग एक-तिहाई भौगोलिक क्षेत्र में कम वर्षा होने के कारण, ओडिशा सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए एक आकस्मिक योजना तैयार की है। एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि राज्य के 30 जिलों में से 11 में कम बारिश हुई जबकि 18 में सामान्य बारिश हुई, केवल एक जिले, बौध में चालू मानसून के दौरान 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि (30 अगस्त तक) कम वर्षा की श्रेणी में आने वाले जिलों में नवरंगपुर (-41 फीसदी), केंद्रपाड़ा (-37 फीसदी), कालाहांडी (-36 प्रतिशत), गंजम (-35 फीसदी), जगतसिंहपुर, जाजपुर, खुर्दा (-28 फीसदी), पुरी, कटक (-26 प्रतिशत), रायगढ़ा (-25 फीसदी) और कोरापुट (-22 प्रतिशत) शामिल है।
जिन जिलों में सामान्य से 20 फीसदी कम से 59 फीसदी कम तक कम बारिश दर्ज की जाती है, उन्हें कम वर्षा वाला क्षेत्र माना जाता है।
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सत्यब्रत साहू ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में कुछ स्थानों पर इस साल अब तक कम बारिश हुई है।
एसआरसी ने कहा, ‘‘कृषि विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए एक आकस्मिक योजना तैयार की है।’’
उन्होंने कहा कि विभाग आकस्मिक योजना के अनुसार उपाय करेगा कि खड़ी फसलों को कैसे बनाए रखा जाए और जहां फसलें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं वहां नई खेती कैसे शुरू की जाए।
हालांकि, एसआरसी ने कहा कि मौसम विभाग ने सितंबर में अच्छी बारिश का अनुमान लगाया है।
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