भुवनेश्वर, 27 जून ओडिशा सरकार ने मंगलवार को नबरंगपुर जिले के अतिरिक्त उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार राउत को अनिवार्य सेवानिवृति का आदेश दिया।
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राउत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक, पांच करोड़ रुपये की संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सतर्कता विभाग के कर्मियों ने 23 जून को की गई छापेमारी में राउत के भुवनेश्वर स्थित आवास से 3,02,30,800 रुपये नगद जबकि नबरंगपुर स्थित आवास से 77 लाख रुपये नगद बरामद किए।
ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएसए) के अधिकारी राउत के पास पांच प्लॉट भी हैं जिनमें से चार कटक में और एक भुवनेश्वर में है। इसके अलावा, राउत के पास नबरंगपुर के उमरकोट में एक 'बेनामी' प्लॉट, 92.34 लाख रुपये बैंक और बीमा जमा के तौर पर और साथ ही 27.7 लाख रुपये से अधिक के आभूषण एवं घर का सामान तथा वाहन मिले हैं।
अधिकारी ने बताया कि राउत के पास से मिली संपत्ति उसकी आय के ज्ञात स्त्रोतों से 500 गुना अधिक है।
सतर्कता विभाग ने राउत को 24 जून को गिरफ्तार किया था।
अधिकारी ने बताया कि यह फैसला राज्य सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं’’ नीति के तहत लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2019 से 188 भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
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