देश की खबरें | ओडिशा : नौकरी का वादा कर लोगों को धोखा देने के मामले में विधायक, अन्य पर आरोप तय
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भुवनेश्वर, 22 अगस्त भुवनेश्वर की एक अदालत ने एक प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी के नाम पर नौकरी रैकेट चलाने के मामले में गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही और दो अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
मामला सामने आने के बाद पाणिग्रही को ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) से निष्कासित कर दिया गया था।
जिन दो अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें भारतीय वन सेना के निलंबित अधिकारी अभय कांत पाठक का बेटा आकाश पाठक और वी सरवेश्वर राव शामिल हैं।
पाणिग्रही को ओडिशा के गंजम जिले में ऑटोमोबाइल कंपनी में नौकरी का भरोसा दिलाकर कई लोगों को धोखा देने के आरोप में तीन दिसंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें ‘जन विरोधी’ गतिविधियों में शामिल होने के लिए उसी साल 29 नवंबर को बीजद से निष्कासित कर दिया गया था।
भुवनेश्वर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने पाणिग्रही और दो अन्य के खिलाफ सोमवार को आरोप तय किए।
ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने एक बयान जारी कर कहा कि तीनों पर प्रतिरूपण, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
अपराध शाखा ने कहा कि पाणिग्रही ने कथित तौर पर एक साजिश में शामिल होकर आकाश की तरफ से धन इकट्ठा किया और राव इन दोनों का सहयोगी था।
आरोप है कि आकाश ने टाटा मोटर्स के लोगो (प्रतीक चिन्ह)का इस्तेमाल किया और युवाओं को कंपनी में नौकरी का झांसा देकर उनसे अच्छी-खासी रकम इकट्ठा की।
अपराध शाखा ने सितंबर 2020 में टाटा मोटर्स की ओर से दायर एक प्राथमिकी के आधार पर आकाश के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी में आकाश पर कंपनी की कार इकाई के प्रभारी प्रबंध निदेशक का भेस धारण कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था।
अदालत में तीनों आरोपियों के खिलाफ अंतिम आरोप पत्र 10 फरवरी 2022 को दाखिल किया गया था।
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