देश की खबरें | जोधपुर एम्स में सहकर्मी की पत्नी का इलाज करने से मना करने पर नर्सिंग कर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन किया
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जोधपुर, 28 मई शहर के हॉटस्पॉट जोन में रहने वाले एम्स जोधपुर के एक वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी की गर्भवती पत्नी को कथित तौर पर इलाज से वंचित करने के खिलाफ अस्पताल के नर्सिंग कर्मियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया।
संस्था के नर्सिंग कर्मियों ने पिछले हफ्ते एम्स के निदेशक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच करने और इलाज से इनकार करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
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एम्स के नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव गुलाब चौधरी ने कहा, “हमें कार्रवाई के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपे एक सप्ताह हो गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम सभी अपनी बाहों पर काली पट्टियां बांध कर काम कर रहे हैं।”
एम्स के अधीक्षक अरविंद सिन्हा ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है और वह इस पर गौर कर रहे हैं।
सिन्हा ने कहा, ‘‘हमें उनकी शिकायत मिली है और इस पर गौर किया जा रहा है। यह गलतफहमी के अलावा कुछ नहीं था।’’
एम्स के वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी नरेश कुमार स्वामी 17 मई को अपनी 11 सप्ताह की गर्भवती पत्नी को एम्स के आपातकालीन विभाग में ले गए थे।
उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी को रक्तस्त्राव हो रहा था। इसलिए एम्स का कर्मचारी होने के नाते, मैं अपनी पत्नी को इमरजेंसी में ले गया। लेकिन स्त्री रोग विभाग के डॉक्टर ने यह जानने के बाद कि हम शहर के कोरोना हॉटस्पॉट जोन में रहते हैं इलाज करने से इनकार कर दिया।”
स्वामी ने कहा कि उन्होंने डॉक्टर से अपनी पत्नी को देखने की गुहार लगाई, लेकिन अस्पताल की कोविड-19 नीति का हवाला देते हुए, डॉक्टर ने उन्हें अपनी पत्नी को एक निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।
स्वामी ने अगले दिन एक निजी अस्पताल में अपनी पत्नी का इलाज कराया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अस्पताल के डॉक्टर को गर्भपात करना पड़ा।
अपने ज्ञापन में, एसोसिएशन ने एक स्पष्ट नीति की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
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