देश की खबरें | मारे गए व्यक्ति का शव परिजनों को नहीं सौंपना अदालत के आदेश की अवहेलना: महबूबा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले साल नवंबर में हैदरपुरा मुठभेड़ के दौरान मारे गए आमिर माग्रे के शव को परिजनों को नहीं सौंपना उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।

श्रीनगर, दो जून पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले साल नवंबर में हैदरपुरा मुठभेड़ के दौरान मारे गए आमिर माग्रे के शव को परिजनों को नहीं सौंपना उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते आमिर के शव को दफन वाली जगह से निकालकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपने का आदेश दिया था। पुलिस ने आमिर को आतंकवादी करार दिया था।

महबूबा ने ट्वीट किया, "हम जहां आज की दुखद हत्या से दुखी हैं, वहीं उपराज्यपाल प्रशासन आमिर माग्रे का शव उसके परिवार को लौटाने के उच्च न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना कर रहा है। शोकसंतप्त पिता से एक संदेश मिला जो अभी भी अपने बेटे के अवशेषों के लिए भीख मांग रहा है। शर्मनाक और बेहद परेशान करने वाला।"

उन्होंने आमिर के पिता लतीफ माग्रे द्वारा भेजे गए संदेश का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया।

आमिर के पिता ने पीडीपी अध्यक्ष से कहा कि वह संबंधित मुद्दा पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष उठाएं।

न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने अपने 13-पृष्ठ के आदेश में जम्मू कश्मीर प्रशासन से कहा था कि वह याचिकाकर्ता की उपस्थिति में वाडर पाईन कब्रिस्तान से शव/अवशेषों को निकालने की व्यवस्था करे।

हैदरपुरा मुठभेड़ के दौरान मारे गए दो और लोगों-अल्ताफ अहमद भट तथा डॉ. मुदासिर गुल के शवों को मुठभेड़ के कुछ दिन बाद कब्रिस्तान से निकालकर परिजनों को सौंप दिया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\