महाराष्ट्र के तीन जिलों में कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं
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मुंबई, 24 अप्रैल महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में कोरोना वायरस ने जहां भय की स्थिति उत्पन्न कर रखी है, वहीं राज्य के लिए अच्छी बात यह है कि इसके तीन जिलों-वर्धा, भंडारा और गढ़चिरौली में इस महामारी का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।

प्रशासन के अधिकारी इन तीनों जिलों में कोविड-19 का एक भी मामला न होने का श्रेय शुरुआत में ही एहतियाती कदम उठाने, भौतिक दूरी के सख्त अनुपालन और विदेशों तथा राज्य के अन्य हिस्सों से इन क्षेत्रों में प्रवेश करने वालों का पता लगाने एवं उन्हें पृथक रखने जैसे उपायों और लोगों के सहयोग को देते हैं।

विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर वर्धा के जिला कलेक्टर विवेक भिमानवार ने कहा कि अधिकारी मार्च के शुरू में ही हरकत में आ गए थे और शैक्षिक संस्थानों, तरणतालों और क्लबों को तुरंत बंद कर दिया गया तथा जिले की सीमाओं को सख्ती से सील कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए भौतिक दूरी बनाकर रखने के भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के परामर्श के अनुसार भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की गई और वहां भीड़ कम करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए।

कलेक्टर ने कहा कि इसी तरह राशन कार्ड धारकों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से अनाज लेने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया।

उन्होंने कहा कि जिले में सामान के आवागमन पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती, लेकिन अपने स्तर पर ‘‘हमने आसपास के जिलों से सब्जियां लाने पर रोक लगा दी।’’

अधिकारी ने पीटीआई- से फोन पर कहा कि चीजों की कमी न हो, इसके लिए थोक विक्रेताओं और किसानों के बीच सीधा संपर्क करा दिया गया। इस तरह, खाद्य पदार्थों की कोई कमी नहीं है।

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