शिलांग, 27 जून मेघालय मंत्रिमंडल ने नौकरी में आरक्षण की 1972 की नीति के तहत गैर-निवासी गारो आदिवासियों के रोजगार लाभों को वापस लेने वाले कार्मिक विभाग के एक प्रस्ताव को मंगलवार को स्वीकृति दे दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस नीति के तहत खासी (40 प्रतिशत) और गारो (40 प्रतिशत) के लिए नौकरियों में 80 फीसदी, अन्य जनजातियों के लिए पांच प्रतिशत तथा राज्य में रहने वाले अन्य आदिवासियों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।
मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने कहा कि मंत्रिमंडल ने आरक्षण रोस्टर के अनुरूप स्वीकृति दी है।
कैबिनेट मंत्री अम्पारीन लिंगदोह ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने 1974 कार्यालय ज्ञापन में संशोधन किया है जिसके तहत राज्य के बाहर रहने वाले गारो (समुदाय के लोगों) को नौकरी आरक्षण नीति के तहत रिक्त पदों के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जाती थी। अब, गारो श्रेणी के लिए निकलने वाली नौकरियों के लिए राज्य में रहने वाले गारो उम्मीदवारों की ही भर्ती की जाएगी।’’
मंत्रिमंडल ने मेघालय जिला न्यायालय मंत्रिस्तरीय सेवा 2020 में संशोधन पर एक प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है जो यह सुनिश्चित करता है कि जिला अदालतों की सेवाओं में तबादले नहीं किए जाएंगे।
राज्य मंत्रिमंडल ने मेघालय वित्तीय शक्ति प्रतिनिधिमंडल नियम 2006 की चौथी अनुसूची में भी संशोधन करते हुए विभिन्न श्रेणियों के तहत डीजीपी, आईजीपी, डीआईजीपी और एसपी समेत पुलिस अधिकारियों को कुछ वित्तीय शक्तियां दी हैं।
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